Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: सुखोई-30 MKi की अब देश में ही ओवरहालिंग शुरू

सुखोई MKi
सुखोई MKi (फाइल फोटो)

नई दिल्ली।  वायुसेना के अग्रणी लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई की ओवरहालिंग अब  भारत में ही शुरू हो गई है। इस वर्ग के पहले विमान की ओवरहालिंग नासिक स्थित  वायुसेना के ओझर  बेस रिपेयर डिपो में की गई और वायुसेना को सौंपा गया।





वायुसेना ने 26 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन की संज्ञा दी है। भारतीय वायुसेना के आपरेशनल स्क्वाड्रन को देश में ही ओवरहाल किये गए पहले विमान को वायुसेना को सौंपा गया। यह विमान वायुसेना के मेनटेनेंस कमांड के एयर आफीसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल हेमंत शर्मा ने दक्षिण पश्चिमी वायुसैनिक कमांड के एयर आफीसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल एच एस अरोड़ा को एक भव्य समारोह में सौंपा।

उल्लेखनीय है कि भारत में रुसी लाइसेंस पर सुखोई-30 एमकेआई का उत्पादन हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स लि. द्वारा किया जा रहा है। ऐसे कुल 272 विमान वायुसेना में शामिल होंगे। सुखोई-30 एमकेआई विमान भारतीय वायुसेना का सबसे संहारक लड़ाकू विमान है जिस पर हाल में ही सुपरसोनिक क्रुज मिसाइल ब्रह्मोस को तैनात करने में कामयाबी हासिल हुई है।

वायुसेना का 11 बेस रिपेयर डिपो भारतीय वायुसेना का एकमात्र है जो मिग-29 औऱ सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू जैसे  विमानों  की ओवरहालिंग करता है। इस डिपो की स्थापना एक जनवरी , 1975 को हुई थी। यह डिपो  ने आधुनिक विमानों की ओवरहालिंग  करने में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता तेजी से हासिल की और 1983 तक इसने 100 से अधिक सुखोई-7 विमान की ओवरहालिंग कल दी थी। 1983 से 1988 तक डिपो ने मिग-21 विमानों की ओवरहालिंग की। बाद में इस डिपो में मिग-23 विमानों की ओवरहालिंग की। फिलहाल बेस रिपेयर डिपो का आधुनिक विमानों की ओवरहालिंग के लिये आधुनिकीकरण का काम चल रहा है।

इसके पहले डिपो द्वारा ओवरहाल किये गए पहले सुखोई-30एमकेआई ने गत 24 अप्रैल को सफल उड़ान भरी थी।  इस विमान को वायुसेना के आपरेशनल कमांड को सौंपने के मौके पर वायुसेना के आला अधिकारी भारी संख्या में मौजूद थे। इस मौके पर बेस रिपेयर डिपो के एयर ऑफिसर कमांडिगं एयर कमोडोर  समीर वी बोराडे ने कहा कि डिपो ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है और अब नई चुनौतियों का सामना करने को तैयार है।

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