Air Force

विशेष रिपोर्ट: चीन सीमा के निकट हवाई पट्टियों पर सैनिकों को उतारा

भारतीय वायुसेना

नई दिल्ली। वायुसेना द्वारा इन दिनों संचालित किये जा रहे गगनशक्ति युद्धाभ्यास के तहत लड़ाकू और परिवहन विमानों के अलावा हेलिकाप्टरों को चीन सीमा के निकट बनी कच्ची हवाई पट्टियों पर उतारा गया। इऩ इलाको में हेलिकाप्टरों से सैनिकों को उतारने औऱ वापस ले जाने का अभ्यास किया गया।





इस तरह गगनशक्ति युद्धाभ्यास अब चीन से सटे हुए इलाके तक पहुंच गया है। इस इलाके में एक घाटी से दूसरी घाटी में तैनात भारतीय सैनिकों को लाने ले जाने का अभ्यास किया गया। रणनीतिकारों का मानना है कि चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा के इलाके में चीनी सैनिकों का मुकाबला करने के लिये थलसैनिकों की त्वरित तैनाती का अभ्यास करना काफी अहम है। इस इलाके में सड़क या हवाई यातायात बहुत कम उपलब्ध है इसलिये सैनिकों को यदि मिनटों के भीतर किसी दूसरे सीमांत इलाके में युद्ध के लिये भेजना हो तो इसके लिये परिवहन विमानों औऱ हेलिकाप्टरों की मदद लेनी होगी। इसी का अभ्यास भारतीय वायुसैनिकों ने गगनशक्ति के तहत किया है।

इस इरादे से भारतीय वायुसेना ने पिछले कुछ सालों में भारी संख्या में एडवांस्ड लैंडिग ग्राउंड का निर्माण किया है जहां कोई भी विमान उतारे जा सकते हैं। इन विमानों के जरिये सीमांत इलाकों में थलसेना के स्पेशल फोर्सेज के कमांडो भेजे जा सकते हैं। इन एडवांस्ड लैंडिगं ग्राउंड पर विमानों को उतारना पायलटों के लिये एक ब़डी चुनौती होती है। इस तरह का अभ्यास गगनशक्ति के तहत चीन से लगे उत्तर पूर्व इलाके में किया गया जहां हाल के सालों में अक्सर अतिक्रमण की घटनाएं होती रहती है।

गगनशक्ति अभ्यास में वायुसेना ने अपने सभी 11 सौ विमानों औऱ हेलिकाप्टरों का इस्तेमाल किया है औऱ इनकी संचालन क्षमता का परीक्षण किया है। गगनशक्ति अभ्यास के तहत हिंद महासागर पर भी वायुसेना अभ्यास कर रही है। यह अभ्यास 22 अप्रील तक चलेगा।

Comments

Most Popular

To Top