DEFENCE

SPECIAL REPORT: रूसी हेलिकॉप्टरों की मरम्मत भारत में

रूसी हेलिकॉप्टर्स
रूसी हेलिकॉप्टर्स (फाइल)

 





नई दिल्ली। भारतीय सेनाओं के  पास रूसी मूल के करीब चार सौ हेलिकॉप्टर हैं जिनके रखरखाव  को बेहतर बनाने के लिये रूस ने पेशकश की है कि इनकी मरम्मत और रखरखाव की सुविधा वह भारत में ही स्थापित करना चाहता है। यह सुविधा भारत में स्थापित होने से भारतीय सेनाओं के बेड़े में रूसी हेलिकॉप्टरों का बेहतर संचालन और उपयोग हो सकेगा। फिलहाल मरम्मत के संकट और कलपुर्जों के अभाव में रूसी मूल के हेलिकॉप्टर  हैंगरों में अक्सर बेकार प़ड़े रहते थे।

इस इरादे से रूस की रक्षा एजेंसी रोजटेक कारपोरेशन की रशियन हेलिकॉप्टर्स होल्डिंग कम्पनी चेन्नै में आयोजित डेफएक्सपो-2018  के दौरान भारतीय अधिकारियों से बात करेगी। रूसी कम्पनी  रूसी हेलिकॉप्टर्स के  आफ्टर सेल्स सपोर्ट के लिये संयु्कत उद्यम लगाने को तैयार है।

मौजूदा में भारतीय सैन्य बेड़े में रूसी मूल के एमआई-8-17  , भारी वजन उठाने वाले एमआई-26. अटैक हेलिकॉप्टर एमआई-25, और यु्द्धपोत पर तैनात किये जाने वाले कामोव-25 , कामोव – 28 औऱ कामोव-31 हेलिकॉप्टर शामिल हैं।

इसके अलावा कामोव-226 टी  हेलिकॉप्टरों का भारत में रूसी सहयोग से उत्पादन होने वाला है। नवम्बर , 2017  में रशियन हेलिकॉप्टर्स ने वेक्ट्रा  ग्रुप  के साथ एमआई-17-1ए टू हेलिकॉप्टरों की सप्लाई का सौदा किया था। रशियन हेलिकॉप्टर्स के एक अधिकारी के मुताबिक भारत में देखरेख की सुविधा लगाने के लिये  आफटर सेल्स सपोर्ट और कलपुर्जों की सप्लाई पर विशेष बातचीत की जाएगी। इसके अलावा पिछले साल जिन कामोव-226 टी हेलिकॉप्टरों के सौदे पर बात हुई थी उनके लिये भारत और रूसी संयुक्त उद्यम की स्थापना पर बात  होगी।

रूसी लाइट यूटीलिटी हेलिकॉप्टर कामोव-226 टी का अधिकतम टेकऑफ वेट 3.6 टन है और यह एक टन वजन उठा सकता है। रूस ने भारत को सप्लाई किये गए एमआई-17  की तुलना में एमआई-17-1एटू हेलिकॉप्टर में 80 से अधिक सुधार किए  हैं। हेलिकॉप्टर उद्योग में रशियन हेलिकॉप्टर्स दुनिया की अग्रणी कम्पनियों में एक है और इसका भारत के साथ कई दशक पुराना रिश्ता है।

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