Forces

स्पेशल रिपोर्टः नौसेना हर चुनौती का मुकाबला करने को रहे तैयार- निर्मला सीतारमण

मीटिंग में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां नौसेना के कमांडरों के छमाही सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा है कि नौसेना किसी भी समुद्री चुनौती का मुकाबला करने के लिये तैयार रहे। कमांडर सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने नौसेना की समाघात तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने नौसेना के आधुनिकीकरण की गति की समीक्षा भी की और नये पोतों औऱ ढांचागत निर्माण योजनाओं की भी जानकारी ली।





नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिये सम्मेलन के दौरान भारतीय नौसेना के कार्य पुनर्गठन के बारे में भी चर्चा की गई। किसी भी हालात के लिये हमेशा तैयार रहने के लिये नौसेना की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसेना को समुद्र में मजबूत रहना होगा और समुद्री इलाके की चुनौतियों का सामना करने के लिये हमेशा चौकस रहे। स्वदेशीकरण, आत्मनिर्भरता और भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल को समर्थन देने के लिये नौसेना की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत नौसेना ने डिजिटल नेवी की दृष्टि को हासिल कर सराहनीय कार्य किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सागर योजना ( सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फार आल इन द रीजन ) के तहत क्षेत्रीय नौसेनाओं के साथ सहयोग करने के लिये भारतीय नौसेना के राजनयिक प्रयासों की उन्होंने सराहना की। अपने सम्बोधन में रक्षा मंत्री ने रक्षा मंत्रालय औऱ नौसेना की इस बात के लिये भी सराहना की कि  क्षमताओं और संसाधनों में कमी को कम से कम वक्त में दूर करने की कोशिश की जा रही है। नौसना में जल्द ही शामिल होने वाले विमान वाहक पोत, युद्धपोतों, परमाणु और डीजल पनडुब्बियों,  वैमानिकी औऱ समुद्र के भीतर के संसाधनों, अत्याधुनिक शस्त्र प्रणालियों, सेंसरों के शामिल होने की योजनाओं के बारे में भी रक्षा मंत्री ने जानकारी ली।

भारतीय नौसेना के 2015 से 2030  तक के लिये स्वदेशीकरण योजनाओं के बारे में भी उन्होंने चर्चा की।  सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने नौसेना की समाघात तैयारी, क्षमता की बढ़ोतरी, मेनटेनेंस और लाजिस्टिक्स, ढांचागत विकास औऱ मानव संसाधन प्रबंध के बारे में विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने नौसेना के कमांडरों से आह्वान किया कि लड़ाकू क्षमता को श्रेष्ठ स्तर पर बनाए रखने के लिये नये विचारो को स्वीकार करें औऱ उन्हें व्यवहार में लाएं।

Comments

Most Popular

To Top