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स्पेशल रिपोर्ट: नौसैनिक दोस्ती अभ्यास में इस बार मालदीव भी भाग लेगा

मालद्वीप दोस्ती अभ्यास में भाग लेगा

नई दिल्ली। भारत, मालदीव और श्रीलंका के बीच होने वाला सालाना त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास दोस्ती एक साल के अंतराल के बाद अब आगामी दिसम्बर के मध्य में होगा। राष्ट्रपति सोलेह की नई सरकार के गठन के बाद मालदीव सरकार ने भारत के साथ रक्षा रिश्ते सामान्य करने की दिशा में यह अहम फैसला लिया है।





 दोनों देशों के बीच इस त्रिपक्षीय अभ्यासों का सिलसिला 2012  में हुआ था हालांकि  पिछले सालों में   भारत से रिश्ते खऱाब करने के बीच मालदीव के बेरुखेपन की वजह से  पिछले साल यह अभ्यास आयोजित नहीं हो सका। लेकिन मालदीव में नई भारत समर्थक सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और मालदीव के सामरिक औऱ रक्षा रिश्ते फिर से बहाल होने लगे हैं और इसी क़ड़ी में भारत, मालदीव औऱ श्रीलंका के बीच यह त्रिपक्षीय अभ्यास  फिर से शुरू करने पर मालदीव ने हामी भर दी। गौरतलब है कि भारत और मालदीव की थलसेनांओं के बीच एकुवेरिन नाम का एक साझा अभ्यास भी होता है जिसके लिये पिछले साल भी मालदीव के थलसैनिक भारत के बेलगांव थलसैनिक अड्डे पर गए थे।

दोस्ती नाम का साझा त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास तीनों देशों के बीच अपने साथ के समुद्री इलाके में साझा चौकसी रखने के इरादे से शुरू किया गया था। इस अभ्यास के तहत श्रीलंका औऱ मालदीव के नौसैनिकों की चौकसी क्षमता  बेहतर करने के लिये उनके नौसैनिकों को ट्रेनिंग भी हो जाती है।

 लेकिन मालदीव में 2012  में सत्ता पलट के बाद राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने भारत के साथ रिश्ते खराब कर लिये और कई तरह के रक्षा आदानप्रदान पर रोक लगा दी। यहां तक कि मालदीव के कोस्ट गार्ड को अपने समुद्री इलाके की चौकसी के लिये जो दो हेलीकॉप्टर भारत ने दिये थे  मालदीव ने भारत से कहा कि उन्हें वापस ले ले।

अब  मालदीव की नई सरकार ने भारत के साथ रिश्तों को प्राथमिकता देते हुए रक्षा सम्बन्धों को पहले की तरह बहाल करने का फैसला किया है। इसी के तहत मालदीव ने भारत औऱ श्रीलंका के साथ होने वाले त्रिपक्षीय साझा नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने को हरी झंडी दे दी है।

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