DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट : दक्षिण चीन सागर में भारत-वियतनाम के युद्धपोत साझा अभ्यास करेंगे

युद्धपोत

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के तीन बड़े युद्धपोत दक्षिण चीन सागर के इलाके में वियतनामी नौसेना के युद्धपोतों के साथ साझा युद्धाभ्यास करेंगे। भारतीय नौसेना के ये तीन युद्धपोत सहयाद्री, शक्ति और कोमोर्ता हैं। इस अभ्यास के बाद अगले महीने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण वियतनाम जा कर भारत वियतनाम सामरिक सम्बन्धों को और गहरा करने के उपायों पर बातचीत करेंगी।





भारतीय नौसेना के ये तीनों युद्धपोत 21 मई को वियतनाम के दानांग समुद्र तट पर थ्येन सा नौसैनिक अड्डे पर पहुंचें हैं। वियतनामी समुद्र तट पर वियतनामी नौसेना के साथ साझा नौसैनिक अभ्यास पर चीन के सामरिक हलकों की गहरी निगाह रहेगी क्योंकि चीन दक्षिण चीन सागर के इलाके में विदेशी नौसेना को विचरण करते हुए नहीं देखना चाहता है। इस इलाके में वियतनाम के साथ भारत का साझा नौसैनिक अभ्यास का चीन के लिये वही महत्व है जो श्रीलंका के नौसैनिक तट पर चीनी युद्धपोतों के पहुंचने पर भारत के लिये होता है।

दक्षिण चीन सागर के इलाके पर अपना पारम्परिक प्राचीन अधिकार होने का दावा चीन करता है जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में गहरी चिंता जाहिर की जाती है। भारत ने हाल में कई बार अपने बयान में कहा है कि दक्षिण चीन सागर एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाका है औऱ वहां कोई भी देश अपना एकाधिकार का दावा नहीं कर सकता है। इसके बावजूद चीन ने दक्षिण चीन सागर के इलाके में कुछ द्वीपों पर अपनी सैनिक सुविधा स्थापित की है औऱ वहां उसने लड़ाकू बमवर्षक विमानों के अलावा मिसाइल प्रणालियां भी स्थापित की हैं।

वियतनामी तट पर अपना युद्धपोत भेजने के बाद यहां एक नौसैनिक अधिकारी ने कहा कि वियतनाम पीपल्स नेवी के साथ भारतीय नौसेना का गहन आदान-प्रदान चल रहा है। नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा के मुताबिक भारत और वियतनाम के बीच दूसरी सदी से ही आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्ते रहे हैं। वियतनाम पर भारतीय सभ्यता का गहरा असर रहा है।

भारत औऱ वियतनाम के बीच मजबूत रक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच समग्र सामरिक साझेदारी का एक सुदृढ़ आधार रहा है। पिछली बार भारतीय नौसैनिक पोत सितम्बर, 2017 में वियतनाम गए थे, तब दो भारतीय युद्धपोत आईएनएस सतपुरा औऱ आईएनएस कदमत्त सामरिक महत्व के हाएफोंग नौसैनिक अड्डे पर गए थे। कैप्टन शर्मा के मुताबिक भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोतों के मौजूदा वियतनाम दौरे से दक्षिण चीन सागर के इलाके के अलावा पूरे विश्व में सुरक्षा व स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

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