DEFENCE

Special Report: भारत अपनी  ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार

नई दिल्ली। ईरान के साथ चार नवम्बर तक तेल व्यापार समाप्त करने की अमेरिकी धमकियों का जवाब देते हुए भारत ने कहा है कि  भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिये हर जरूरी कदम उठाएगा और सभी साझेदारों के सम्पर्क में रहेगा।





उल्लेखनीय है कि ईऱान पर अमेरिका ने उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध लगाया है और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेताया है कि वह ईऱान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का साथ दे अन्यथा उसके खिलाफ भी अमेरिका कार्रवाई करेगा। अमेरिका ने प्रतिबंधों का पालन करने के लिये चार नवम्बर तक की समय सीमा बताई है।

इस बारे में पूछे जाने पर यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत अपने ऊर्जा सुरक्षा हितों से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने यह धमकी किसी खास देश का नाम लेकर नहीं दी है बल्कि उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सम्बोधित किया है।  गौरतलब है कि ईरान भारत के प्रमुख तेल सप्लायरों में है और ईऱान से तेल आयात कम करने या रोक देने से भारत के लिये पेट्रोल संकट पैदा हो सकता है।

 भारत और अमेरिका के विदेश औऱ रक्षा मंत्रियों की अमेरिकी समकक्षों के साथ  छह जुलाई को  वाशिगंटन में प्रस्तावित  टू प्लस टू वार्ता के स्थगित होने के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला भारत अमेरिका दिवपक्षीय मसलों की वजह से नहीं लिया गया है। उल्लेखनीय है कि ईऱान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों और रूस के साथ रक्षा सौदे नहीं करने की अमेरिकी चेतावनियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों पर आंच आने लगी है। लेकिन यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि टू प्लस टू डायलाग के स्थगित होने से भारत अमेरिका रिश्तों को किसी तरह नुकसान नहीं पहुंचा है। इस वार्ता के बारे में दोनों पक्ष आपसी सम्पर्क बनाए रखेंगे । यह बातचीत या तो भारत या अमेरिका में हो सकती है।  छह जुलाई को प्रस्तावित वार्ता को स्थगित करने के लिये अमेरिकी विदेश मंत्री ने खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को फोन किया था।

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