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स्पेशल रिपोर्टः मंगोलिया को अपना बना भारत देगा चीन को मात

भारत-मंगोलिया का संयुक्त अभ्यास

नई दिल्ली।  भारत और चीन के पड़ोसी नेपाल ने बिम्सटेक साझा सैन्य अभ्यास में भाग नहीं लेकर चीन को खुश करने की कोशिश की लेकिन चीन के दक्षिणी पड़ोसी देश मंगोलिया चीन की संवेदनशीलता को नजरअंदाज कर भारत के साथ सैन्य रिश्ते गहरे कर रहा है। मंगोलिया की राजधानी उलनबटोर के निकट मंगोलियाई सेना के ट्रेनिंग एरिया में इन दिनों भारतीय सेना की एक टुकड़ी डेरा जमाए है।





सोमवार से भारत और मंगोलिया के सैनिकों ने 2006 से चला आ रहा सालाना संयुक्त थलसैनिक अभ्यास नोमैडिक एलीफैंट शुरु किया। सोमवार को इस अभ्यास का एक छोटा लेकिन आकर्षक उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। दस सितम्बर से शुरु हुआ यह साझा अभ्यास 21 सितम्बर तक चलेगा।

नोमैडिक एलीफैंट संयुक्त थलसैनिक अभ्यास का उद्देश्य भारत और मंगोलिया की सेना के बीच साझेदारी को मजबूत करना है। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक प्रतिविद्रोही कार्रवाई में रणनीतिक और तकनीकी कौशल को बेहतर करेंगे। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के दिशानिर्देश के मुताबिक शहरी और ग्रामीण माहौल में संचालित हो रहा है।

अभ्यास में भारतीय सैन्य टुकड़ी में 17 पंजाब रेजीमेंट के जवान हैं जब कि मंगोलियाई सैन्य टुकड़ी में मंगोलियाई सेना की यूनिट- 084 के जवान हैं। अभ्यास के उद्घाटन समारोह के दौरान मंगोलियाई सेना  के मेजर जनरल जे बादामबाजार ने भारतीय सैनिकों का स्वागत किया। अपने उद्घाटन सम्बोधन में मंगोलियाई सैन्य जनरल ने कहा कि दोनों देशों के सैनिक स्वतंत्रता, आजादी औऱ समानता में विश्वास करते हैं जो दोनों के लिये मूल्यवान हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी सेनाओं की संगठनात्मक संरचना की जानकारी दी। इस दौरान दोनों पक्षों ने सबयूनिट स्तर पर इस्तेमाल किये जाने वाले हथियारों की प्रदर्शनी भी की।

अभ्यास के दौरान दोनों पक्ष साझा तौर पर पहले से तैयार रणनीतिक योजना के मुताबिक शहरी माहौल में आतंकवादी खतरों से निबटने की साझा रणनीति को परखेंगे। अभ्यास नौमै़डिक एलीफैंट दोनों देशों के बीच परस्पर समझ विकसित करने में भारी योगदान करेगा। इससे दोनों मिलकर आतंकवाद के विश्वव्यापी खतरों से निबट सकेंगे।

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