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स्पेशल रिपोर्टः भारत ने किया रूस से एक औऱ अहम रक्षा सौदा

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन

नई दिल्ली। अक्टूबर के शुरू में राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के भारत दौरे में एस-400 एंटी मिसाइल का करीब पांच अरब डालर का सौदा सम्पन्न करने के बाद भारत ने रूस से एक और अहम रक्षा  सौदा किया है।





यहां मिली जानकारी के मुताबिक रूस से भारतीय नौसेना के लिये एडमिरल ग्रिगोरोविच क्लास के दो फ्रिगेटों (प्रोजेक्ट 11356 ) का सौदा 96 करोड़ डालर का है।

यह सौदा पिछले सप्ताहांत सम्पन्न हुआ है। गौरतलब है कि अमेरिका ने रूस से सैनिक साज सामान की खरीद करने पर प्रतिबंध लगाने वाले अपने कैटसा कानून के तहत एस-400 एंटी मिसाइल का सौदा करने पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इसके बावजूद भारत ने रूस से एक औऱ बड़ा रक्षा सौदा कर यह संकेत दिया है कि भारत को अमेरिकी कैटसा कानून की परवाह नहीं। चूंकि रूस से कोई भी रक्षा सौदा अमेरिकी डालर में नहीं हो सकता इसलिये इसके लिये रुपया रुबल भुगतान की व्यवस्था की जाएगी।

भारत ने शुरू में इन दो फ्रिगेटों की रूस से सीधी खऱीद का सौदा किया है औऱ बाद में इन युद्धपोतों के भारत में निर्माण का सौदा किया जाएगा। इन दोनों अत्याधुनिक और संहारक युद्धपोतों के सौदे पर राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे में सहमति हो गई थी। इन स्टील्थ फ्रिगेटों की खऱीद के लिये टू प्लस टू योजना के तहत अक्टूबर, 2016 में ही अंतर सरकारी समझौता किया गया था।

रूस इन फ्रिगेटों को अपने यांतर शिपयार्ड में बनाएगा। ये फ्रिगेट तलवार क्लास के फ्रिगेटों के उन्न्त रुप हैं। इन्हें रूस में 2003 से 2013 के बीच बना कर भारत भेजा गया था।

यहां राजनयिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक भारत ने अमेरिका से साफ कह दिया है कि रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिका के घरेलू कैटसा कानून को भारत नहीं मानेगा। भारत के रूस के साथ दशकों पुराने पारम्परिक रक्षा सम्बन्ध हैं और भारत अपने सुरक्षा हितों की कीमत पर रूस से अचानक रक्षा सम्बन्ध नहीं तोड़ सकता।

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