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स्पेशल रिपोर्ट: जनरल रावत ने अफ्रीकी सैनिकों की सराहना की

थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। 17 अफ्रीकी देशों की सेनाओं के साथ आयोजित अफ्रीका इंडिया फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज (AFINDEX) अभ्यास  पुणे की  औंध सैनिक छावनी पर 27 मार्च को सम्पन्न हुआ। इसके  समापन के मौके पर थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत मौजूद थे।





अपने सम्बोधन में  थलसेना प्रमुख ने अफ्रीकी देशों के सैनिकों के जोश की सराहना की और कहा कि यह साझा अभ्यास काफी कामयाब रहा है। उन्होंने कहा कि सभी देशों के सैनिकों ने अपने असाधारण सैन्य कौशल का परिचय दिया।

इस साझा अभ्यास में बेनिन, बोत्सवाना, इजिप्ट , घाना, केन्या, मारीशस, मोजाम्बीक, नामीबिया, नाइजर, नाइजीरिया, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, सूडान, तंजानिया, उगांडा, जाम्बिया  और जिम्बाब्वे की सेनाएं शामिल  हुईं।

इस साझा सैन्य अभ्यास के जरिये भारत को अफ्रीका के कुछ प्रमुख देशो  के साथ परस्पर सैन्य सम्बन्धों को और गहरा करने का अनोखा मौका मिला। पर्यवेक्षकों के मुताबिक भारतीय सेना द्वारा इस आयोजन से भारत पर अफ्रीकी देशों का भरोसा बढ़ेगा।

इस मौके पर वाणिज्य संगठन फिक्की ने सैन्य साज सामान की एक प्रदर्शनी भी थलसेना के आर्मी डिजाइन ब्यूरो  और रक्षा कम्पनियों के सहयोग से आयोजित की। थलसेना प्रमुख जनरल रावत ने इस प्रद्रर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में अफ्रीकी सेनाओं के इस्तेमाल के कई रक्षा उपकरणों को दिखाया गया। इस मौके पर कुछ अफ्रीकी देशों के  सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस प्रदर्शनी में छोटे हथियारों , गोला बारूद , टोही उपकरण, लाइट एवं हेवी व्हीकल्स , आतंकवाद की रोकथाम में काम आने वाले साज सामान, बुलेट प्रुफ औऱ बारूदी सुरंगों से बचाव वाले वाहन कृत्रिम पांव आदि प्रदर्शित किये गए।  प्रदर्शनी में रक्षा शोध संगठन, आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड  औऱ सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों ने अपने उत्पाद पेश किये।

दस दिनों तक चले इस  साझा अभ्यास में भारतीय थलसेना की मराठा लाइट इन्फैनट्री की जंगी पलटन के जवानों ने भाग लिया। इस दौरान सभी सैनिकों  ने नागरिकों की सुरक्षा, बारूदी सुरंगों से निबटने ,  आतंक प्रभावित इलाके में सैन्य गश्ती  आदि के अभ्यास किये गए।

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