Air Force

Special Report: लड़ाकू विमान सुखोई- 30 का मिड लाइफ होगा अपडेट

सुखोई विमान
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के अग्रणी लड़ाकू विमानों को हालांकि वायुसेना के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया चल ही रही है वायुसेना इसके आधुनिकीकरण यानी मिड लाइफ अपडेट की तैयारी में जुट गई है।





लड़ाकू विमानों की कमी के संकट से जूझ रही भारतीय वायुसेना के लिये यह एक बड़ा फैसला होगा। वायुसेना इस तरह अपने सुखोई- 30 एमकेआई विमानों के बेड़े को और अधिक संहारक ताकत प्रदान करेगी और इसे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिये बेहतर तैयार करेगी।

वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल अनिल खोसला ने यहां मीडिया से बातचीत में सुखोई- 30 को आधुनिक बनाने के फैसले की पुष्टि की। उन्होंने सवालों के जवाब में बताया कि वायुसेना के बेड़े में कुल 272 सुखोई- 30 एमकेआई विमान शामिल होने हैं जिसमें से 243 शामिल हो चुके हैं और बाकी का निर्माण रूसी सुखोई कम्पनी के लाइसेंस पर हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स द्वारा किया जा रहा है। इन विमानों का आधुनिकीकरण रूसी सहयोग से किया जाएगा। इसके लिये सुखोई- 30 विमानों को और आधुनिक इलेक्ट्रानिक युद्ध प्रणाली, रेडार, एवियानिक्स लगाए जाएंगे और इसमें बेहतर और अचूक मारक क्षमता वाली शस्त्र प्रणालियां भी लगाए जाएंगी।

गौरतलब है कि सुखोई- 30 विमानों पर हाल में ही सुपरसोनिक क्रुज मिसाइल ब्रह्मोस तैनात करने की क्षमता हासिल की गई है। इस तरह सुखोई विमान अपने सीमा इलाके में उड़ते हुए दुश्मन के इलाके में करीब 300 किलोमीटर दूर तक किसी जमीनी ठिकाने को तहस नहस कर सकने की क्षमता से लैस हो चुके हैं।

सुखोई- 30 विमानों की इन दिनों देखरेख औऱ मेनटेनेंस की समस्या चल रही है इसलिये आधुनिक बनाए गए विमानों में इस तरह की व्यवस्था की जाएगी कि ये विमान मेनटेनेंस की समस्या से अधिक से अधिक मुक्त हो सकें। गौरतलब है कि सुखोई-30 विमान के स्क्वाड्रनों में से करीब आधे ही उड़ने लायक अवस्था में रहते हैं जिससे युद्ध के दौरान इनके इस्तेमाल की क्षमता पर असर पड़ सकता है। मिड लाइफ अपडेट के बाद वायुसेना इस समस्या से मुक्त होने की उम्मीद करेगी।

एयर मार्शल खोसला ने बताया कि इसके अलावा वायुसेना के लिये 110 लड़ाकू विमानों को हासिल करने की प्रक्रिया भी जारी है।

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