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स्पेशल रिपोर्ट: रक्षा मंत्री सीतारमण का अमेरिका का अहम दौरा 3 दिसंबर से

अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ निर्मला सीतारमण
अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। अगले सप्ताह केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का वाशिंगटन का तीन दिनों का अहम दौरा होगा। इस दौरान भारत और अमेरिका के रक्षा सम्बन्धों को औऱ गहराई देने वाले कई फैसले लिये जाएंगे।





गौरतलब है कि गत 8 सितम्बर को भारत के साथ टू प्लस टू डायलाग के लिये अमेरिकी विदेश औऱ रक्षा मंत्री भारत दौरे पर आए थे जिस दौरान रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिये कई फैसले लिये गए थे। अब अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के निमंत्रण पर वह दि्वपक्षीय रक्षा सम्बन्धों पर बात करेंगी।

रक्षा मंत्री का तीन से छह दिसम्बर तक का अमेरिका दौरा अमेरिकी ‘कैटसा कानून’ के विवादों के बीच हो रहा है। अमेरिका ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि भारत द्वारा रूस से शस्त्र प्रणालियों की खरीद के समझौतों के खिलाफ भारत कैटसा प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा या नहीं।

यहां रक्षा सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री सीतारमण के अमेरिकी दौरे में कैटसा का मसला उठेगा। अमेरिका ने कैटसा कानून के तहत उन सभी देशों और उनके संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है जो रूस से सैनिक साज सामान खरीदेंगे। भारत ने गत अक्टूबर माह में जब रूसी एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली खरीदने का समझौता किया था तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को चेतावनी दी थी कि भारत पर प्रतिबंध लगाने के बारे में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी नाराजगी को दूर करने के लिये भारत ने अमेरिकी नेशनल एयर डिफेंस सिस्टम खऱीदने पर बात करने के संकेत दिये हैं। यह रक्षा प्रणाली राजधानी दिल्ली के ऊपर एंटी मिसाइल शील्ड की तरह होगी जो किसी भी हमलावर मिसाइल को आसमान में ही ध्वस्त कर देगी।

अमेरिका दौरे में निर्मला अमेरिकी अधिकारियों के साथ हथियारों से लैस प्रीडेटर ड्रोन्स खरीदने के प्रस्ताव पर भी बात करेंगी। सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री अमेरिकी सैन्य अड्डा हवाई भी जाएंगी जहां अमेरिकी हिंद प्रशांत कमांड का मुख्यालय है। पहले इस कमांड का नाम एशिया प्रशांत कमांड था । लेकिन अब इसका नाम भारत से जोड़े जाने के बाद पहली बार कोई भारतीय रक्षा मंत्री वहां जाएंगी। एशिया प्रशांत कमांड का नाम बदलकर हिंद प्रशांत कमांड रख कर अमेरिका ने हिंद औऱ प्रशांत महासागर में भारत की अहमियत बढ़ाई है। हवाई के अलावा रक्षा मंत्री पेंटागन के डिफेंस इनोवेशन यूनिट के माउंटेन व्यू मुख्यालय भी जाएंगी।

रक्षा मंत्री के अमेरिका जाने के पहले भारत ने पहले ही यह संकेत दिया है कि वह अमेरिका से नौसेना के लिये मल्टी रोल हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा करेगा।

अमेरिका से जो प्रीडेटर ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव है वह भारतीय सेनाओं के लिये खेल का पासा पलटने वाला साबित होगा। यह ड्रोन 50 हजार फीट की उंचाई से दुश्मन के इलाके पर टोही औऱ खुफिया जानकारी हासिल कर सकता है और दुश्मन के ठिकानों पर तैनात मिसाइलों से हमला भी कर सकता है।

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