DEFENCE

Special Report: अमेरिका की तर्ज पर जापान से रक्षा समझौता

जापान पीएम शिंजो आबे एवं पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ जापान के पीएम शिंजो आबे (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 28 व 29 अक्टूबर को आगामी जापान यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ किये गए लाजिस्टिक्स अग्रीमेंट की तर्ज पर एक  समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है। एक्वीजेशन एंड क्रास सर्विसेज अग्रीमेंट (ACSA) नाम से यह समझौता दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच  महासागरों में या एक दूसरे के नौसैनिक अड्डों पर ईंधन और अन्य साज सामान के लेनदेन का रास्ता साफ हो सकता है।





 जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु ने यहां विचार संस्था  ब्रुकिंग्स  इंडिया की एक बैठक में इस आशय के संकेत दिये। राजदूत ने कहा कि भारत और जापान की सेनाओं के बीच जिस तरह से सहयोग और आदान प्रदान बढ़ रहा है इसके मद्देनजर दोनों देशों के बीच इस तरह का सहयोग समझौता काफी सहायक होगा। राजदूत ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही भारत और जापान के बीच साझा समुद्री अभ्यास सम्पन्न हुआ है और दोनों देशों के बीच अब  मालाबार त्रिपक्षीय अभ्यास की तर्ज  पर  भारत , अमेरिका औऱ जापान के बीच  कोप इंडिया वायुसैनिक अभ्यास करने पर भी सहमति बनी है।

भारत के साथ गहराते  सामरिक व रक्षा सहयोग के बारे में राजदूत ने कहा कि  न केवल तीनों सेनाओं के बीच बल्कि हिंद प्रशांत इलाके में भी भारत और जापान शांति व स्थिरता के लिये बहुपक्षीय सहयोग को विस्तार देने के लिये आपसी सहयोग करेंगे। हीरामात्सु के मुताबिक जापान के सोरयु वर्ग की पनडुब्बी को भारत की सप्लाई और  भारत में निर्माण की सम्भावनाओं पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है।

एम्फीबियस एयरक्राफ्ट  यूएस-2 की भारत को सप्लाई के बारे  में पिछले कुछ सालों से चल रही बातचीत जल्द सम्पन्न होने के भी संकेत राजदूत ने दिये। राजदूत ने कहा कि जापान भारत के साथ उच्च तकनीक वाले रक्षा साज सामान की सप्लाई के लिये जापान सहयोग देने को तैयार है।

राजदूत ने कहा कि भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों और पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टीविटी  की ढांचागत परियोजनाओं के लिये  भी जापान भारत के साथ सहयोग को गहरा कनरे को प्रतिबद्ध है। जापान पहले से ही भारत को सबसे अधिक विदेशी सहायता देने वाला देश है।

अहमदाबाद से मुम्बई तक जापानी सहयोग से लागू की जा रही बुलेट ट्रेन योजना को समय पर लागू करने में आ रही अड़चनों  के बारे में राजदूत ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन रेल लाइन के लिये जमीन आवंटन का भारी विरोध हो रहा है।

 जापान के साथ होने वाली सालाना शिखर वार्ता  के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  की जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ यह तीसरी बैठक  होगी। दोनों देश चार देशों की  चर्तुपक्षीय वार्ता में  महत्वपूर्ण साझेदार हैं। राजदूत ने कहा कि हिंद प्रशांत इलाके में शांति व स्थिरता सुनिश्चत करना अकेले जापान और भारत के वश की बात नहीं है। इसके लिये बहुपक्षीय सहयोग को विस्तार देना होगा।

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