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स्पेशल रिपोर्ट: दो महीने से अपनी मारक क्षमता आंक रहे हैं चेतक कोर के जवान, बुधवार को खत्म होगा युद्धाभ्यास

चेतक कोर के जवान

नई दिल्ली। सूरतगढ़ के नजदीक महाजन रेंज के तपते रेगिस्तानी इलाके में पिछले दो महीनों से थलसेना की दक्षिणी पश्चिमी कमांड के चेतक कोर के हजारों जवान हवाई जमीनी युद्ध की अपनी नई रणनीति के परीक्षण में जुटे हैं ताकि असली युद्ध के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सके।





45 से 50 डिग्री की गर्मी सहते हुए प्रतिकूल मौसम में ‘गांडीव विजय’ नाम का यह युद्धाभ्यास 23 मई को सम्पन्न होगा। नेटवर्क सेंट्रिक माहौल के बीच थलसेना के जवान आधुनिक गुप्तचरी, टोही और निगरानी तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं। चेतक कोर के सैनिक अपने अत्याधुनिक टैंकों, वख्तरबंद वाहन,  तोपों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

अभ्यास में इनफैन्ट्री औऱ मैकेनाइज्ड सेना के जवान एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाते हुए अपने हवाई मंचों के जरिये दुश्मन की सेना को नेस्तनाबूद करने की रणनीति का परीक्षण कर रहे हैं। इनका इरादा  कम से कम वक्त में दुश्मन पर निर्णायक विजय हासिल करना है। इस दौरान थलसेना अपनी इस क्षमता का भी परीक्षण करेगी कि युद्धरत जवानों को सभी जरूरी हथियार और गोलाबारूद वक्त पर मुहैया होते हैं या नहीं।

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