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स्पेशल रिपोर्ट: आतंकियों को पनाह अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा- हेली

निकी हेली

नई दिल्ली। अमेरिका ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि उसके द्वारा आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि निकी हेली ने यहां कहा कि हमने पाकिस्तान को पहले से अधिक कड़े शब्दों में  यह बता दिया है और हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान के रवैये में बदलाव आएगा।





निकी हेली ने यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्रालय के  आला अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि आतंकवाद को परास्त करने में हमारी समान प्रतिबद्धता है।   यहां विचार संस्था आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए  अमेरिका की आला अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत के साथ रिश्तों को नई उंचाई पर ले जाना चाहते हैं।  हम भी आतंकवाद से पैदा दर्द और आतंकवादियों को प्रेरित करने वाले घृणास्पद विचारों से पैदा समस्या  को समझते हैं।  हमारे लिये खतरा पैदा करने वाले आतंकवादी जाल को नष्ट करने में हमारे साझा हित हैं। लेकिन हमें और काफी कुछ करना होगा।  हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि  परमाणु हथियार आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के हाथों से बाहर रहे।  हमारे दोनों देशों के नागरिकों  को मुम्बई पर हुए आतंकवादियों के हमले झेलने पड़े हैं।

पिछले दशकों में हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने सहयोग को काफी विस्तार दिया है। इसके तहत हम संयुक्त राष्ट्र में मिल कर काम करते हुए आतंकवादी नेताओं की पहचान औऱ उन्हें नामित कर रहे है। हममें से कोई भी देश उन शासकों की ओर आंखें नहीं मूंद सकता जो आतंकवादियों को पैदा करने, समर्थन देने और पनाह देने का काम करता है। इसी नजरिये से अमेरिका विगत सालों की तुलना में पाकिस्तान के प्रति  भिन्न  रवैया अपना रहा है।

ईरान के बारे में निकी हेली ने कहा कि वह दूसरा उत्तर कोरिया बनता जा रहा है। इसलिये अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चाहता है कि ईरान के प्रति सचेत रहे।   ईरान के परमाणु हथियारों के खिलाफ दुनिया एकजुट हो गई है क्योंकि हम सब को इस बात के लिये चिंता करने की अच्छी वजह है कि वह परमाणु हथियारो से क्या कर सकता है। हेली ने कहा कि ईरान एक धार्मिक तानाशाह देश है जो आतंकवाद को वित्तीय मदद देता है और अपने लोगों के साथ दुर्व्यवहार करता है।

भारत के बारे में उन्होंने कहा कि वह एक उन्नत परमाणु तकनीक वाला देश है जिसे दुनिया भर में इसलिये मान्यता मिली है कि वह एक जनतांत्रिक देश है और वह एक जिम्मेदार नेता है। कुछ सालों के भीतर भारत तीन परमाणु अप्रसार संधियों में शामिल हो सका है। इसके अलावा परमाणु तकनीक निर्यातक देशों के संगठन एनएसजी में भारत की सदस्यता को हम पूरा समर्थन देते हैं। अपनी परमाणु तकनीक  के जिम्मेदार  संरक्षक के तौर पर भारत अपनी भूमिका निभा  रहा है।

 निकी हेली ने कहा कि हिंद प्रशांत इलाके में शांति व सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिये भारत और अमेरिका मिलकर काम करते रहेंगे। हम इसके लिये हमारे पास मौजूद हर साधन को उपयोग में लाएंगे। उन्होंने कहा कि इस इलाके में दुनिया की आधी से अधिक आबादी रहती है और इसके समुद्री व्यापार मार्गों से होकर दुनिया का आधा से अधिक व्यापार होता है। इसलिये कोई वजह नहीं कि 21 वीं सदी में यह इलाका सबसे जीवंत बना रहेगा।

भारत अमेरिका रक्षा रिश्तों के बारे में निकी हेली ने कहा कि ये गहरे हो रहे हैं। हमने भारत के साथ सुरक्षा सहयोग को काफी विस्तार दिया है। भारत अब अमेरिका का मेजर डिफेंस पार्टनर है। भारत और अमेरिका के रक्षा व विदेश मंत्री जब अमेरिकी समकक्ष से मिलेंगी तब हिंद महासागर के इलाके में सुरक्षा प्रदान करने में भारत को मदद करने के नये उपायों के  बारे में चर्चा होगी। निस्सेदह इसमें साझा सैन्य अभ्यासों और सैनिक साज सामान और तकनीक पर चर्चा शामिल होगी। लेकिन भारत के साथ जो सामरिक साझेदारी हम बनाने जा रहे हैं वह और व्यापक औऱ स्थायी होगी।

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