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Special Report: तीनों सेनाओं ने किया अंडमान द्वीपों की रक्षा के लिये युद्धाभ्यास

युद्धाभ्यास

नई दिल्ली। भारत के पूर्वी समुद्री तट से करीब डेढ़ हजार किलोमीटर दूर स्थित अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की रक्षा के लिये तीनों सेनाओं ने चार दिनों का युद्धाभ्यास सम्पन्न किया है।





हिंद महासागर में विदेशी नौसेनाओं की बढ़ती गतिविधियों और वहां समुद्री डाकुओं के अलावा आतंकी हमले के खतरों के मद्देनजर तीनें सेनाओं द्वारा मिल कर यह साझा अभ्यास किया जाना काफी अहम है। तीनों सेनाओं की देश की पहली सैन्य संयुक्त कमान अंडमान एवं निकोबार कमांड द्वारा डिफेंस ऑफ अंडमान एवं निकोबार आईलैंड (डीएएनएक्स- 2019) नाम का यह अभ्यास दूसरी बार आयोजित हुआ है। पांच दिनों तक 14 अक्टूबर से चले इस साझा अभ्यास में थलसेना, वायुसेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड ने अंडमान कमांड के मुख्यालय की रक्षा के लिये यह  अभ्यास किया ताकि अंडमान निकोबार कमांड मुख्यालय की रक्षा के लिये जो योजनाएं बनाई गई हैं उन्हें परखा जा सके। इस कमान की जिम्मेदारी अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के द्वीपों की रक्षा की जिम्मेदारी सम्भालती है।

इस अभ्यास में अंडमान कमांड के अपने सैन्य बलों के अलावा मुख्य भूमि से युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को भी वहां समन्वित कार्रवाई के तहत भेजा गया। हाल में गठित आर्म्रड फोर्सेज स्पेशल आपरेशंस डिवीजन के स्पेशल फोर्सेज ने भी इस रक्षा अभ्यास में भाग लिया।

गौरतलब है कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 1,100 से अधिक द्वीप हैं। इनमें से अधिकतर पर कोई आबादी नहीं बसी है। इसलिये इन पर निरंतर चौकसी बनाए रख कर इनकी सुरक्षा के इंतजाम अंडमान एवं निकोबार कमांड द्वारा किये जाते हैं।

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