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स्पेशल रिपोर्ट: थलसेना के सम्मेलन में एयर मार्शल धनोआ और एडमिरल लांबा भी

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और वायुसेना चीफ बीएस धनोआ
फाइल फोटो

नई दिल्ली। यहां पिछले सोमवार से चल रहे  थलसेना के कमांडरों के छमाही सम्मेलन को  वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों ने भी सम्बोधित कर यह संदेश दिया कि तीनों सेनाएं एक है और भविष्य के युद्ध तीनों सेनाएं मिल कर साझी रणनीति से ही लड़ेंगी।





थलसेना के कमांडरों के सम्मेलन में चल रही चर्चा की जानकारी देते हुए यहां थलसेना के प्रवक्ता ने बताया कि भविष्य के सभी युद्ध की योजना साझा तौर पर तैयार की जाएगी और इसे तीनों सेनाएं समन्वित तरीके से  मिल कर लागू करेंगी।

8 से 13 अप्रैल तक चलने वाले इस सम्मेलन में एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने तालमेल से  युद्ध रणनीति को तालमेल से लागू करने के लिये बताया कि  वायुसेना के पास किस तरह की योजना हैं। गहरी समझ विकसितक करने  और संयुक्त कार्रवाई  को और  बेहतर करने के लिये भारतीय वायुसेना के मिशनों की उच्च विश्वसनीयता की उन्होंने मिसाल दी। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने  साझी रणनीति से युद्ध योजना तैयार करने औऱ समुद्री इलाके की चुनौतियों का जिक्र किया।

 थलसेना के कमांडरों के सम्मेलन में सुरक्षा आयाम के विभिन्न पहलुओं पर गहन और समग्रता में चर्चा की गई। इस दौरान उभरते सुरक्षा परिदृश्य पर भी कमांडरों ने अपना आकलन पेश किया।

‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिये कमांडर सम्मेलन के साथ ही एक प्रदर्शनी का भी आय़ोजन किया गया जिसमें नई तकनीक और भावी तकनीकी प्रणालियों को पेश किया गया । इसमें कुल 53 घरेलू रक्षा कम्पनियों ने भाग लिया। रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों की सेना के कमांडरों के साथ भी विचार बैठक रखी गई। इसमें सेना की जरुरतों को पूरा करने के लिये नये आविष्कारों की चर्चा की गई।

 कमांडरों के सम्बोधन के बाद प्रिंसिपल स्टाफ आफीसरों ने समसामयिक मसलों के बारे में ताजा जानकारी पेश की। साइबर खतरों को कम करने और संचार व डेटा सुरक्षा को सुचारू बनाने पर जोर दिया गया। प्रशासन और मानव संसाधन प्रबंध के मसलों पर भी चर्चा की गई।

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