Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: आठ साल बाद भारत और अमेरिकी वायुसैनिक फिर करेंगे युद्धाभ्यास

भारतीय- अमेरिकी वायुसेना का युद्धाभ्यास
भारतीय-अमेरिकी वायुसेना का युद्धाभ्यास (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। आठ वर्षों बाद भारत और अमेरिका की वायुसेनाओं के बीच ‘कोप इंडिया युद्धाभ्यास’ दिसम्बर में फिर होगा। 12  दिनों तक चलने वाला यह युद्धाभ्यास पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा और पानागढ़ वायुसैनिक अड्डों से संचालित  होगा।





कोप इंडिया- 2019  नाम से आयोजित यह युद्धाभ्यास 3 से 14  दिसम्बर तक होगा।  एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस अभ्यास के पीछे दोनों देशों द्वारा खुला औऱ मुक्त हिंद प्रशांत इलाके की प्रतिबद्धता दिखती है। दोनों के बीच पिछला अभ्यास साल 2010 में हुआ था लेकिन अब हिंद प्रशांत इलाके में दोनों देशों की बढ़ती सामरिक साझेदारी के मद्देनजर वायुसेनाओं के बीच होने वाला यह अभ्यास काफी अहम है। यह अभ्यास अमेरिकी प्रशांत और भारतीय वायुसेनाओं के बीच होगा। अमेरिकी प्रशांत वायुसेना द्वारा  आयोजित यह फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास है।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी वायुसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा युद्धाभ्यास के दौरान मौजूदा क्षमताओं को सुदृढ़ करना और हवाई रणनीति औऱ सैन्य तैनाती को बेहतर करना है।

 इस अभ्यास के लिये अमेरिकी वायुसेना के जापानी कडेना वायुसैनिक अड्डा और इलिनायस स्थित  182 वीं एयर लिफ्ट विंग  पर स्थित 15  विमानों को कलाईकुंडा भेजा जा रहा है।

कोप इंडिया के तहत भारतीय और अमेरिकी वायुसेनांओं के बीच होने वाला पहला अभ्यास 2004  में ग्वालियर वायुसैनिक अड्डे पर आयोजित हुआ था। इस अभ्यास के दौरान उड़ान परीक्षण, अभ्यास औऱ प्रदर्शन के अलावा लेक्चर के कार्यक्रम आयोजित किये गए थे। इसके अलावा दोनों देशों के वायुसैनिकों के बीच मीडिया औऱ सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए थे। अब  आठ  सालों बाद होने वाला यह युद्धाभ्यास काफी गहन और ऊंचे स्तर का हो गया है। कोप इंडिया के दौरान विशेषज्ञों के बीच वार्तालाप, एयर मोबिलिटी ट्रेनिंग, वृहद स्तर के सैन्य अभ्यास के अलावा लड़ाकू विमानों के ट्रेनिंग अभ्यास होंगे।

अमेरिकी  वायुसेना के 13वें एयर एक्सपीडिशनरी ग्रुप के कर्नल डैरिल इनसले ने इस अभ्यास में भागीदारी को लेकर कहा कि वह इस  अभ्यास के लिये भारतीय वायुसेना के पायलटों के साथ ट्रेनिंग करने औऱ साथ मिलकर उड़ान भरने के  लिये  भारत जाने को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने भरोसा जाहिर किया कि कोप इंडिया में भागीदारी के जरिये दोनों देशों के वायुसैनिकों के बीच  आपसी सम्बन्ध मजबूत होंगे और उन्हें भारतीय वायुसैनिकों  से काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

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