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Special Report: ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का 100वां लॉन्च कैनिस्तर सौंपा

मिसाइल ब्रह्मोस
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

नई दिल्ली। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लिये 100वां कैनिस्तर ब्रह्मोस मिसाइल निर्माता को सौंपा गया है। इस लॉन्चर की निर्माता लार्सन एंड टूब्रो द्वारा दी गई इस सार्वजनिक जानकारी से यह पता चलता है कि भारत कितनी बड़ी संख्या में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें तैनात कर रहा है। गौरतलब है कि यह मिसाइल आवाज की गति से 2.8 गुना अधिक और 290 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती है।





भारत और रूस द्वारा साझा तौर पर विकसित और उत्पादित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को दागने वाली लांचर में इस्तेमाल किया जाने वाला सौंवा कैनिस्टर ब्रह्मोस का स्वदेशी उत्पादन यह भी दर्शाता  है कि भारत अब अत्याधुनिक मिसाइलों के लांचरों के मामले में  आत्मनिर्भर हो चुका है और इसका ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी उत्पादन होने लगा है।

इस लांचर कैनिस्तर को ट्रांसपोर्ट स्टोरेज लांच कैनिस्तर (टीएलसी) कहते हैं। लार्सन एंड टूब्रो अब ब्रह्मोस एरोस्पेस प्राइवेट लि. (बीएपीएल) का भरोसेमंद साझेदार बन चुका है। यह टीएलसी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के भंडारण, परिवहन और प्रक्षेपण के लिये डिजाइन किया गया है। लार्सन एंड टूब्रो के निदेशक जेडी पाटिल ने ब्रह्मोस एरोस्पेश लि. के सीईओ और प्रबंध निदेशक डा. सुधीर कुमार मिश्र को सौंवा टीएलसी सौंपा। टीएलसी बनाने के लिये विशेष तकनीक और प्रक्रिया की जरुरत होती है और इसका विभिन्न स्तर ग्लास और कार्बन इमिप्रगनेटेड फाइबर मेटीरियल का बना होता है। यह लांचर इस तरह से बना होता है कि इसे हमेशा लांच करने की स्थिति में रखा जाए और इसे दीर्घकाल तक स्टोर कर भी रखा जा सके।

लार्सन एंड टुब्रो ने लांचर बनाने का यह कारखाना बड़ोदरा के रनोली में लगाया है। यह लांचर सौंपे जाने के मौके पर ब्रह्मोस एरोस्पेश के सीईओ एस के मिश्र ने कहा कि एक रिकार्ड वक्त में लार्सन एंड टूब्रो ने यह महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है। इससे ब्रह्मोस मिसाइल के स्वदेशीकरण को तेजी से करने में हमारी प्रतिबद्धता को भी बढ़ावा मिला है। देश के एक अग्रणी रक्षा साज-सामान बनाने वाली कम्पनी के साथ जुड़ने से हम गर्व महसूस कर रहे हैं। एल एंड टी के निदेशक जेन डी पाटिल ने कहा कि ब्रह्मोस एरोस्पेश के साथ जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने के लिये हमारी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाती है और हमें इस पर गर्व है।  देश में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली  के आगे और विकास में सहयोग देते रहने के लिये हम प्रतिबद्ध हैं।

एल एंड टी ने पिछले साल जुलाई में रनोली में लांचर बनाने का कारखाना खोला था। एल एंड टी ब्रह्मोस एरोस्पेश के साथ पिछले दो दशकों से जुड़ी है।

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