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कंटीले तार व चौकस सुरक्षा के बावजूद भारत-पाक सीमा पर नहीं रुक रही तस्करी

विश्व में ऐसा कोई भी देश नहीं होगा जिसकी सीमाएं पूर्ण रूप से सुरक्षित हों। भारत की बात करें तो  करोड़ों रुपए खर्च करके भी भारत अपनी सीमा को पूरी तरह सील नहीं कर पाया।पकिस्तान सीमा पर आए दिन घुसपैठ की खबरें आती रहती हैं वहीं तस्करों की आवाजाही को रोकना मुश्किल हो गया है





एक वेबसाईट पर प्रकाशित  खबर के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि भारत ने हिन्द-पाक सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। विशेष रूप से पंजाब के साथ लगती 554 किलोमीटर लम्बी सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की संख्या में बड़े स्तर पर बढ़ोत्तरी की गई है। क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में अवैध हथियारों और ड्रग्स की तस्करी होती है।

काफी चौंकाने वाले हैं आंकड़े

इस सीमा पर फोर्स को आधुनिक शस्त्रों से लैस किया गया है जिससे वह घुसपैठियों और तस्करों का बड़ी आसानी से मुकाबला कर सकते हैं। उन्हें फ्लड लाइट, मर्करी बल्ब, दूर से देखने वाले आधुनिक कैमरे एवं दूरबीन आदि भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि धुंध और अंधेरी रात में भी साफ देखा जा सके। गृह विभाग भारत सीमा को पूरी तरह से सील करने के लिए और कई व्यापक योजनाएं तैयार करने में लगा हुआ है। भारतीय सुरक्षा एजैंसियों का मानना है कि सीमा सुरक्षा बलों के ईमानदार प्रयत्नों और कंटीली तार लगाने के बावजूद सीमा पूरी तरह गैर कानूनी आवाजाही से मुक्त नहीं हो पाई। गृह विभाग ने पिछले जो आंकड़े प्रस्तुत किए हैं वे काफी चौंकाने वाले हैं। 2016-2017 (अप्रैल तक) सीमा सुरक्षा बल सीमावर्ती क्षेत्रों में 6000 से ज्यादा घुसपैठियों को ढेर कर चुका है और बड़े पैमाने पर अवैध शस्त्र और नशीले पदार्थों को पकड़ चुका है।

छोटे किसानों को शिकार बनाते हैं तस्कर 

अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, गुरदासपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करों ने बड़े ठिकाने बनाए हुए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन तस्करों की बदौलत सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे हुए पंजाब के मेहनती, परिश्रमी, ईमानदार किसानों में से कुछ धन के लालच में आकर इनके नशीले पदार्थों एवं अवैध शस्त्रों को ढोने में लगे हुए हैं। पिछले दिनों ममदोट क्षेत्र में तस्करों द्वारा बनाई गई बड़ी-बड़ी सुरंगें पकड़े जाने के पश्चात सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई थीं। यही नहीं, हुसैनीवाला सीमा के निकट सीमा सुरक्षा बल के एक कमांडेंट को एसीटिल एन्हाईड्राइड की तस्करी के लिए गिरफ्तार किया गया था जो सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है ।

हालांकि कंटीली तार लगने के पश्चात तस्करों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उनका अधिकतर माल या तो पकड़ा गया या फिर तस्करी करने वाले लोग सीमा सुरक्षा बलों की फायरिंग से मारे गए। लेकिन सीमा सुरक्षा बलों के अनुसार जंगली जानवरों से टकराने या अन्य कारणों से  कंटीली तारों को बहुत नुकसान पहुंचता है जिसका लाभ प्राय: तस्कर उठा लेते हैं।

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