Army

बहन ने बांधी राखी, मां ने दिया कंधा, हजारों नम आंखों के बीच ऐसे हुई शहीद संदीप की अंतिम विदाई

शहीद संदीप सिंह की मां
शहीद संदीप सिंह की मां शव को कंधा देते हुए (सौजन्य- गूगल)

गुरदासपुर। यह दृश्य सचमुच भावविह्वल कर देने वाला था। देश की रक्षा करते हुए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद संदीप सिंह को अंतिम विदाई देने से पहले बहन ने राखी बांधी तो मां ने अपने शहीद बेटे की अर्थी को कंधा दिया। जिसने भी यह दृश्य देखा उसकी आंखे नम हो गईं।





तंगधार में आतंकियों से लोहा लेते हुए प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद संदीप सिंह का शव जैसे ही उनके गांव पहुंचा हर आंख से आंसू छलक पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अपने कलेजे के टुकड़े को तिरंगे में लिपटा देख मां कुलविंद्र कौर को दुख भी था तो इस बात का गर्व भी था कि वह ऐसे बेटे की मां है जिसने देश की खातिर अपनी जान की परवाह भी नहीं की। जिसने अपनी मां को शहीद की मां होने का गौरव दे दिया।

मंगलवार को शहीद संदीप सिंह को उनके पैतृक गांव कोटला खुर्द में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार से पहले बहन खुशमीत कौर ने राखी बांधी। पत्नी गुरप्रीत कौर और मासूम बेटे ने अपने पिता को सलामी दी। इतना ही नहीं मां कुलविंद्र कौर ने बेटे की अर्थी को कंधा देकर पाकिस्तान को संदेश दे दिया कि उसके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो पाएंगे।

पत्नी गुरप्रीत कौर को अपने पति की शहादत पर गर्व है। बीते शनिवार को उनकी अपने पति से बात हुई थी। पति ने कहा कि फायरिंग चल रही है बाद में बात करेंगे। गुरप्रीत कौर का लक्ष्य अब अपने बेटे को पढ़ा-लिखा कर सेना में भेजने का है।

संदीप सिंह अगस्त में 15 दिन की छुट्टी लेकर गांव आए थे। इसी दौरान दोस्तों से बातचीत में संदीप ने कहा कि ऐसा काम करो कि लोग आप पर गर्व कर सकें। उन्होंने दोस्तों से यह भी कहा कि मैं ऐसा काम करूंगा कि सारा देश मुझ पर गर्व करेगा। सेना की 4 पैरा स्पेशल फोर्स के रणबांकुरे ने सचमुच ऐसा काम कर दिखाया और शहीद होने से पहले दो आतंकवादियों को न सिर्फ ढेर किया बल्कि अपने साथियों की भी रक्षा की।

 

 

Comments

Most Popular

To Top