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एल एंड  टी ने कोस्ट गार्ड को सौंपा दूसरा गश्ती पोत

पेट्रोल वेसल

नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर की कम्पनी लार्सन एंड टूब्रो ने भारतीय कोस्ट  गार्ड को दूसरा आफशोर पेट्रोल वेसेल सौंप दिया है।





आईसीजीएस विजय नाम का यह पोत 2160 टन विस्थापन क्षमता का है। कोस्ट गार्ड के लिये ऐसे कुल सात समुद्र तटीय गश्ती पोत सौंपने का समझौता मार्च , 2015 में किया गया था। एल एंड टी ने कोस्ट गार्ड को पहला पोत विक्रम  इस साल अप्रैल, 2018 में सौंपा था।  एल एंड टी इन गश्ती पोतों का निर्माण अपने कटुपल्ली शिपयार्ड में कर रहा है।  उल्लेखनीय है कि एल एंड टी ने कटुपुल्ली शिपयार्ड में गत 28 अगस्त को ही तीसरे पेट्रोल वेसेल का  समुद्र में जलावतरण किया था। इसके साथ ही चौथे, पांचवें और छठे पेट्रोल वेसेल पर काम प्रगति पर है।

एल एंड टी ने दावा किया है कि कम्पनी ने तयशुदा अवधि से पहले ही इन पोतों को बना कर कोस्ट गार्ड को सौंपा है। एलएंडटी ने इसके अलावा  अब तक  आर्डर किये गए 54 में से 40 इंटरसेप्टर बोट  कोस्ट गार्ड  को सौंपे हैं। बाकी 14 का निर्माण चल रहा है।

इसके पहले एल एंड टी ने नौसेना के लिये फ्लोटिंग डाक एफडीएन-2 बनाए हैं जिसे इस साल मार्च में सौंपा गया। यह डाक अंडमान एवं निकोबार द्वीप पर भारतीय नौसैनिक अड्डे पर काम करने लगा है। एल एंड टी के एक अधिकारी ने कहा कि इन उपलब्धियों के जरिय एल एंड टी ने दिखाया है कि वह मेक इन इंडिया कार्यक्रम में अपना अहम योगदान दे रहा है। इन सभी पोतों का डिजाइन एल एंड टी के अपने वारशिप डिजाइन सेंटर किया जा रहा है।

एल एंड टी के निदेशक( रक्षा) जयंत डी पाटिल ने कहा कि समय से पहले ही पोंतों का निर्माण यह दर्शाता है कि एल एंड टी प्रतिबद्धता से मेक इन इंडिया में अपना योगदान कर रहा है। इससे पता चलता है कि एल एंड टी  सक्षमता से काम करने के लिये प्रतिबद्ध है। पोतों के निर्माण के अलावा एल एंड टी नौसेना और कोस्ट गार्ड के पोतों की मरम्मत और मेनटेनेंस भी करता है।

एल एंड टी को वियतनाम बार्डर गार्ड के लिये हाई स्पीड पेट्रोल वेसेल बनाने का भी आर्ड़र मिला है।

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