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…मोटरसाइकिल की कीमत बांग्लादेश बनाकर वसूली!

नई दिल्ली: फील्ड मार्शल सैम मानेकशा के जन्मदिन के मौके पर उनकी हाजिर जवाबी और चुटीले किस्सों को याद करना लाजिमी है। उनकी बातों के अंदाज को फौजी गलियारों में आज भी खूब चस्के से याद किया जाता है। एक किस्सा है उनकी लाल रंग की जेम्स मोटर साइकिल का जो उन्होंने भारत के आजाद होने से पहले अपने साथी जनरल याह्या खान को 1000 रुपए में बेची थी।





ये 1947 के शुरुआत की बात है। देश के बंटवारे के हंगामे के बीच जनरल याह्या खान उन्हें मोटर साइकल की कीमत नहीं चुका पाए। पाकिस्तान के गठन के साथ ही याह्या खान भी पाकिस्तान चले गए। अरसा बीत गया… मोटर साइकिल भी याह्या खान साथ ले गए थे। 1971 के युद्ध का नतीजे में पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा उससे अलग हो गया और नया देश बना बांग्लादेश।

कुछ इस तरह की थी सैम की लाल रंग की जेम्स मोटर साइकिल जिसे पाकिस्तान के जनरल याह्या खान उनसे खरीदकर ले गए थे और उसकी कीमत वह किसी वजह से नहीं चुका पाए थे

इसी पर सैम मानेकशा ने चुटकी लेते हुए कहा था कि याह्या खान ने मोटर साइकिल की कीमत अपने देश के टुकड़े के तौर पर चुकाई है। मजेदार बात है कि 2001 में पाकिस्तान के स्तम्भकार अरेथिर कोवस्जी भारत में मानेकशा से मिले तो उस मोटर साइकिल की कीमत सूद समेत चुकाने की पेशकश की। इस पर सैम मानेकशा ने याह्या खान के बारे में कहा याह्या एक अच्छा इंसान और अच्छा सैनिक था। हम दोनों ने साथ-साथ नौकरी की और वह न तो घटिया है और न ही भ्रष्ट।

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