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RPF जवान की सूझबूझ से बची पैसेंजर की जान

चेन्नई। चेन्नई के एगमोर सेटेशन पर एक RPF जवान की सूझबूझ की वजह से एक पैसेंजर को जीवनदान दे दिया। के षणमुगम नाम के इस जवान की तारीफ हो रही है। आरपीएफ के मुताबिक यहां एक यात्री को दादर एक्सप्रेस से सफर करना था, लेकिन देरी से स्टेशन पहुंचा यात्री ट्रेन पर तब चढ़ रहा था जब ट्रेन स्टेशन से खुल चुकी थी और रफ्तार भी पकड़ ली थी। इसी दौरान इस शख्स का हाथ दरवाजे के हैंडल से फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा, तब ट्रेन पूरी रफ्तार में थी।





CCTV-फुटेज

CCTV फुटेज में आरपीएफ का जवान यात्री की जान बचाते हुए

ये शख्स दरवाजे का हैंडल पकड़कर प्लेटफॉर्म के साथ घसीटते हुए जा रहा था। इस शख्स का पैर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बचे खाली जगह में फंस गया था। अगर थोड़ी भी देरी होती तो स्पीड की वजह से यात्री का हाथ हैंडल से छूट सकता था और उसके बाद क्या होता अंदाजा लगाना भी मुश्किल था। लेकिन तभी सामने खड़े आरपीएफ जवान की नजर इस शख्स पर पड़ी और वह दौड़ पड़ा। उसने दोनों हाथों से उस शख्स को पकड़ लिया। इसके लिए उसे ट्रेन के साथ कुछ दूर तक दौड़ना भी पड़ा। लेकिन आखिरकार इस जवान की बहादुरी की वजह से इस पैसेंजर की जान बच गई। हालांकि घटना के बाद दादर एक्सप्रेस फिर से रुक गई और ये यात्री फिर से इसी ट्रेन में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर चला गया।

बाद में के षणमुगम ने बताया, ‘घटना के वक्त उसके दिमाग में किसी भी तरह से पैसेंजर को बचाने की चिंता थी।’ वह पहले भी कई लोगों की मदद कर चुका है, लेकिन इतनी बड़ी घटना में उसने पहली बार किसी की मदद की है। के षणमुगम ने कहा कि लोगों को कम से कम आधा घंटा पहले स्टेशन पहुंचना चाहिए, ताकि ऐन मौके पर होने वाली अफरा तफरी से बचा जा सके। आरपीएफ चेन्नई डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने के षणमुगम का नाम बहादुरी पुरस्कार के लिए भेजने का फैसला किया है।

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