RPF

गृह मंत्रालय के हाथों में आएगा RPF का नियंत्रण

नई दिल्ली। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का नियंत्रण जल्द ही गृह मंत्रालय के हाथों में होगा। सरकार ने इसे गृह मंत्रालय से संबद्ध करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि प्रख्यात अर्थशास्त्री विवेक देबराय ने आरपीएफ को गृह मंत्रालय को देने की सिफारिश की थी।





माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से एक तरफ जहां यात्रियों की सुरक्षा अब बेहतर तरीके से हो पाएगी वहीं रेलवे का आर्थिक बोझ भी कम होगा। आरपीएफ के गृह मंत्रालय के अधीन आने का मतलब है कि रेलवे को उनकी तनख्वाह, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाएं देने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। वेतन से लेकर सुविधाएं तक मुहैया कराना गृह मंत्रालय का दायित्व होगा।

रोजाना 2.40 करोड़ यात्रियों की सुरक्षा को जिम्मा आरपीएफ पर रहता है। तेरह सौ से ज्यादा ट्रेनों में आरपीएफ का दस्ता चलता है। अगर बात आरपीएफ कर्मियों की करें तो 68 हजार से ज्यादा अधिकारी और जवान स्टेशनों, रेलवे सुरक्षा बल के थानों, चौकी, ट्रेनों, मालगोदाम और कार्यालयों में तैनात हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय इस संबंध में नोट अक्तूबर तक सरकार के पास भेज देगा। कैबिनेट से मंजूरी के साथ ही आरपीएफ गृह मंत्रालय के नियंत्रण में आ जाएगा।

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