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अमेरिका को ओसामा के बारे में पाक खुफिया अफसर ने बताया: पूर्व ISI प्रमुख दुर्रानी

पूर्व ISI प्रमुख दुर्रानी

नई दिल्ली। एक मई, 2011 को अबोटाबाद में पाकिस्तानी सैन्य छावनी के नजदीक एक बड़ी सी चारदीवारी से घिरे बंगले में रह रहे अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन का पता ISI के एक अफसर ने अमेरिकी CIA को दिया था जो पांच करोड़ डालर लेने के बाद पाकिस्तान से लापता हो गया था।





यह खुलासा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख जनरल असद दुर्रानी ने भारतीय एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख के साथ लिखी गई अपनी पुस्तक The Spy Chronicles: RAW, ISI and the Illusion of Peace  में खुलासा किया है। दुर्रानी के मुताबिक वह अब पाकिस्तान में नहीं है और उसके बारे में पक्के सबूत नहीं हैं इसलिये वह उस अफसर का नाम नहीं ले सकते। जनरल दुर्रानी ने कहा कि उन्हें कोई शक नहीं है कि एक रिटायर्ड पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने अमेरिकियों को ओसामा के ठिकाने के बारे में बताया।

इस जानकारी की पुष्टि के लिये इस इलाके में पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया गया जिसके लिये डा. अफरीदी को नियुक्त किया गया। डा. अफरीदी ने इस इलाके में घर-घर जाकर पूछने का काम शुरू किया कि क्या आपके यहां कोई बच्चा है। दुर्रानी के मुताबिक अंततः अमेरिकियों को डा. अफरीदी की मदद से ओसामा बिन लादेन का असली ठिकाना मालूम हुआ।

एएस दुलत ने कहा कि उन्हें लगता है कि इसके बाद अमेरिकी सेना के कमांडर डेविड पेट्रियस ने तब के पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कयानी को अरब सागर में एक युद्धपोत पर बुलाया औऱ साफ-साफ  बताया कि अमेरिका को ओसामा बिन लादेन का ठिकाना मालूम हो चुका है। क्या आप सहयोग करने को तैयार हैं या हम खुद ही अपने स्तर पर यह काम (ओसामा को निकालने का) कर लें।

जनरल दुर्रानी ने बताया कि अमेरिकी कमांडर से जनरल कयानी ने कहा होगा कि हां हम तैयार हैं लेकिन हम ऐसा अहसास नहीं होने देंगे कि ओसामा के खिलाफ कार्रवाई के लिये अमेरिकी सेना जब आएगी तो हमें जरा भी भनक नहीं लगी। जनरल कयानी इस बात के लिये तैयार थे कि भले ही लोग पाकिस्तानी सेना को नाकाम मानें वह यह उजागर नहीं होने देना चाहेंगे कि पाकिस्तानी सेना के सहयोग से अमेरिकी सेना अंदर घुसी। जनरल दुर्रानी ने कहा कि आखिर यह कैसे मुमकिन हो सकता है कि अमेरिकी सेना के हेलीकाप्टर पाकिस्तानी सीमा के 150 किलोमीटर भीतर घुसें और पाकिस्तानी रेडारों को इसकी भनक भी नहीं लगे।

जनरल दुर्रानी ने CIA को ओसामा के ठिकाने के बारे में बताने वाले पाकिस्तानी सेना के पूर्व अफसर के बारे में कहा कि वह उस वक्त ISI के साथ नहीं था। रिटायरमेंट के बाद वह एक छोटा बिजनेस चलाता था और वह ओसामा का ठिकाना जानने के लिये अमेरिकी आपरेशन में शामिल हुआ।

गौरतलब है कि पोलियो टीकाकरण का छद्म कायर्क्रम चला कर ओसामा बिन लादेन का रहने का ठीक ठिकाना खोजने वाले डा. अफरीदी को पाकिस्तान ने जेल में डाल दिया है। इससे यह साबित होता है कि ओसामा का ठिकाना पता चलने से ISI कितना नाराज और शर्मिंदा थी। इन दिनों अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान से कहा है कि यदि वह अमेरिका से सैनिक व वित्तीय मदद लेना चाहता है तो आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी अभियान में मदद करे और डा. अफरीदी को जेल से रिहा करे।

ओसामा बिन लादेन और ऐसे ही कुछ अन्य खुलासों के लिये पाकिस्तानी सेना अपने पूर्व ISI प्रमुख से काफी नाराज हो गई है। यही वजह है कि जनरल दुर्रानी को पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में बुला कर पूछताछ की गई और उनके विदेश जाने पर रोक लगा दी गई।

 

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