Army

NSG कमांडो बनने के लिए देना होगा मनोवैज्ञानिक टेस्ट

एनएसजी कमांडो

नई दिल्ली। नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड्स (एनएसजी) में ब्लैक कैट कमांडो बनने के इच्छुक सैनिकों को मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरना होगा। इसके तहत एनएसजी ने नए और व्यापक मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की शुरुआत की है।





अभी तक इस बल में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को शारीरिक व मानसिक श्रम के माध्यम से तैयार किया जाता है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड में शामिल होने के इच्छुक सैनिकों को ब्रिटेन और जर्मनी के विशिष्ट आतंकवाद निरोधक बल के आधार पर तैयार किया जाता था। अब जवानों को कमांडो रूपातंरण पाठ्यक्रम ‘सीसीसी’ के तहत तीन महीने के लिए विशेष मनोवैज्ञानिक जांच और सवालों से गुजरना होगा।

गौरतलब है कि एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो को दो श्रेणियों में रखा जाता है। स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) में सेना के जवानों को शामिल किया जाता है जबकि स्पेशल रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी) में अर्धसैनिक बलों से एनएसजी में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले जवान शामिल होते हैं। लंबे अर्से से इस बात की जरूरत महसूस की जा रही थी कि कमांडो सेलेक्शन पैनल में मनोविज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ हों। इसके लिए हाल ही में कुछ लोगों की सेवाएं ली गई हैं। योग को पहले ही प्रशिक्षण में शामिल किया जा चुका है।

 

Comments

Most Popular

To Top