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फानी तूफान: कैबिनेट सचिव की NCMC के साथ बैठक, जल्द बिजली और दूरसंचार सेवाएं बहाल करने पर बल

फानी से तबाही का मंजर
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने रविवार को संबंधित राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल व आंध्र प्रदेश के फानी तूफान प्रभावित क्षेत्रों में राहत उपायों की समीक्षा की।





ओडिशा ने सूचना दी कि राज्य के तूफान प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और दूरसंचार सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। भुवनेश्वर और पुरी में विधुत पारेषण और वितरण प्रणालियों को गंभीर नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। आंशिक रूप से मोबाइल सेवाएं बहाल की जा रही हैं। दोनों शहरों में आज शाम तक लगभग 70 प्रतिशत जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। ओडिशा ने भंडार जल टैंकों की आपूर्ति के लिए भी आग्रह किया है।

NDRF ने पुरी, खुर्दा और भुवनेश्वर में अधिकांश सड़कों पर गिरे हुए पेड़ों को हटा दिया है तथा सामान्य यातायात बहाल हो गई है।

कैबिनेट सचिव ने निर्देश दिया कि विधुत एवं दूरसंचार सुविधाओं की बहाली को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जाए और विधुत मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग ओडिशा सरकार के साथ समन्वय करें। विधुत मंत्रालय ने 500 केवीए, 250 केवीए एवं 125 केवीए क्षमता के डीजी सैट्स सुलभ कराए हैं और वर्कमेन गैंग्स भी उपलब्ध कराए हैं जो बिजली के तारों तथा टावरों की बहाली में जुटे हुए हैं। बिजली क्षेत्र की पीएसयू के वरिष्ठ अधिकारियों को बहाली अभियान की निगरानी के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के पड़ोसी राज्यों से ओडिशा को अतिरिक्त सहायता, विशेष रूप से बिजली के क्षेत्र में, उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

कैबिनेट सचिव ने यह भी सुझाव दिया कि बिजली तथा तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अपने सीएसआर फंडिंग से राहत प्रयासों की दिशा में योगदान दें।

इस्पात मंत्रालय ने लगभग 3,500 इस्पात के बिजली के पोल उपलब्ध कराए हैं और जैसा कि ओडिशा द्वारा आग्रह किया गया है, अन्य स्थानों से अतिरिक्त मात्राएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। अतिरिक्त पोलों का विनिर्माण भी आरंभ किया गया है।

प्रभावित दूर संचार टावरों के 60 प्रतिशत के शाम तक संचालनगत हो जाने की उम्मीद है और नियमित विधुत आपूर्ति के अभाव में डीजीसैटों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें संचालनगत बनाने के लिए डीजल की आपूर्ति की जा रही है। ओडिशा में डीजल और अन्य ईंधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

रेलवे ने 138 रद्द रेलगाड़ियों में से 85 आरंभ कर दी हैं। भुवनेश्वर जाने वाली मुख्य रेल लाइन पर संचालन आरंभ कर दिया गया है जबकि पुरी को लगभग 4-5 दिनों में रेलगाड़ियां मुहैया करा दी जाएंगी। भुवनेश्वर के लिए उड़ान संचालन शुरू कर दिया गया है और स्थानीय हवाई अड्डे को व्यापक नुकसान होने के बावजूद कल 41 उड़ानें भरी गईं।

रक्षा मंत्रालय ने विशेष परिवहन हवाई जहाजों तथा हेलिकॉप्टरों के जरिए दवाइयां और अन्य राहत सामग्रियां मुहैया कराई हैं। ओडिशा तट के निकट नौसेना एवं तट रक्षक पोत के पास प्रभावित क्षेत्रों को आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त जलापूर्ति है।

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