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नौसेना ने अपने योद्धा साथी को कुछ ऐसे कहा-Bye…Bye… INS VIRAAT!

आईएसएस विराट

मुम्बई में नौसैनिक गोदी में सोमवार का सूर्यास्त बेहद भावुक लम्हे लेकर आया। जैसे ही 6 बजकर 45 मिनट पर सूर्य समन्दर के आगोश में समाता दिखाई देना शुरू हुआ वैसे ही लास्ट पोस्ट धुन ने माहौल अपने वश में कर लिया। विराट पर मौजूद 21 कमांडिंग अफसरों की आँखों में इस युद्धपोत पर बिताए अपने सेवाकाल के कई चित्र फिल्म की तरह चल रहे थे। …और अब अपने उस अजीज को अलविदा कहना पड़ रहा था। ये धुन उनके लिए विरह की यादें लेकर बार-बार आती है। …तब की यादें जब उन्होंने अपने किसी साथी को खोया और अब ये नजारा भी उनमें शामिल हो जाएगा।





दरअसल भारतीय नौसेना में रिकॉर्ड 30 साल की सेवा देने के बाद जब मुम्बई नौसेना की गोदी में आज शाम दुनिया भर में सबसे पुराने सेवारत विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विराट को सेवानिवृत्त किया गया, तब नजारा ही कुछ ऐसा था। नौसेना के बेड़े में आईएनएस विराट (INS VIRAAT) को 1987 में शामिल किया गया था। उससे पहले यह जहाज ब्रिटिश नौसेना में एचएमएस हरमीस के रूप में 27 साल तक सेवा प्रदान कर रहा था। इस तरह समुद्री इतिहास में लगातार 57 सालों तक सेवा प्रदान करने का रिकॉर्ड आईएनएस विराट के नाम पर दर्ज है।

इस समारोह में INS विराट के अब तक के सभी 21 कमांडिंग आफिसर मौजूद थे। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और करीब 20 ब्रिटिश नौसेना के अधिकारी विदाई समारोह में शामिल हुए। भारतीय नौसेना से चीफ एडमिरल सुनील लांबा तथा अन्य कई अधिकारी भी मौजूद थे। मिली जानकारी के अनुसार इस समय आईएनएस विक्रमादित्य नौसेना की सेवा के लिए पूर्णत: तैयार हो गया है, इसलिए इस जहाज को सेवानिवृत्त किए जाने का निर्णय लिया गया।

नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने बताया कि अगर आगामी चार महीने में इस जहाज के लिए खरीदार नहीं मिला तो इसे भंगार में बेच दिया जाएगा। इससे पहले भी आईएनएस विक्रांत को खरीदार न मिलने पर भंगार में बेचा गया था। सुनील लांबा ने बताया कि आईएनएस विराट को संग्रहालय बनाने की योजना केंद्र सरकार के विचाराधीन है। इसलिए भारतीय नौसेना इस योजना के फलीभूत होने अथवा इस जहाज का नया खरीददार मिलने के लिए चार माह का इंतजार करने वाली है।

आईएनएस-विराट

आईएनएस विराट को विदाई देते नौसेना प्रमुख और अन्य अधिकारी

पिछले साल रक्षा मंत्रालय ने सभी तटीय-राज्यों को चिठ्ठी लिखकर विराट को म्यूजियम बनाने की पेशकश की थी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, चंद्रबाबू नायडू ने इसको खरीदने की इच्छा जताई है। आंध्र प्रदेश की तटीय-राजधानी, विशाखापट्टनम में पहले से ही पनडुब्बी म्यूजियम है।

रक्षा मंत्रालय ने विराट के रिटायरमेंट से पहले म्यूजियम बनाने की पेशकश इसलिए की क्योंकि जब हाल ही में भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर, ‘आईएनएस विक्रांत’ को तोड़कर (और पिघलाकर) स्क्रैप यानि कबाड़ में तब्दील कर दिया गया, तब देश में काफी हाय-तौबा मचा। ‘INS विक्रांत’ करीब 17 साल पहले नौसेना से रिटायर हुआ था।

‘आईएनएस विराट’ को भारत ने 1987 में ब्रिटिश रॉयल नेवी से खरीदा था। उस वक्त विराट का नाम ‘एचएमएस हर्मेस’ था और ब्रिटेश नौसेना में 25 साल गुजार चुका था। उसने अर्जंटीना के खिलाफ फॉकलैंड-युद्ध में महत्वपूर्ण हिस्सा लिया था। अब भारत में करीब 30 साल सेवा देने के बाद विराट रिटायर। विराट का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में सबसे अधिक समय तक सेवा देने के लिए शुमार है।

विराट ने अकेले भारत के दोनों समुद्री तट- पूर्व और पश्चिम तट के साथ साथ अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक अकेले ही दुश्मनों की हरकतों पर ही नजर नहीं रखी बल्कि किसी को पास भी नहीं फटकने दिया।

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