Navy

खास रिपोर्ट: भारत में ब्रिटिश सुपर कैरियर बनाने पर वार्ता

ब्रिटिश सुपर कैरियर
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। भारत औऱ ब्रिटेन सुपर कैरियर का साझा तौर पर डिजाइन और निर्माण करने की सम्भावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। यह सुपर कैरियर 65 हजार टन विस्थापन क्षमता का होगा और ब्रिटेन की नौसेना  में शामिल 65 हजार टन विस्थापन क्षमता वाले ‘क्वीन एलिजाबेथ’  के समान होगा।





यहां रक्षा सूत्रों ने बताया कि  इस बारे में चर्चा के लिये स्काटलैंड में रोजिथ डाकयार्ड का भारतीय आधिकारिक शिष्टमेंडल ने पहले ही दौरा किया है। इसी नौसैनिक गोदी पर क्वीन एलिजाबेथ विमानवाहक पोत का निर्माण हुआ था । यहीं ब्रिटेन का दूसरा सुपर कैरियर ‘प्रिंस ऑफ वेल्स’ इन दिनों बनाया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारत में पहले  44 हजार टन विस्थापन क्षमता वाले विक्रांत  पोत( आईएसी-1)  का अगले साल तक समुद्री परीक्षण शुरू होगा। इसके बाद भारत में दूसरा स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विशाल बनाने की योजना है जिसे अब ब्रिटेन के सहयोग से बनाया जा सकता है। इसके लिये ब्रिटेन की कम्पनियां  कई संयंत्रो और उपकरणों की सप्लाई कर सकती हैं।

ब्रिटिश  रक्षा अधिकारियों के मुताबिक भारत के साथ कई तरह की सहयोग  वार्ता चल रही है।  क्वीन एलिजाबेथ का डिजाइन  ब्रिटिश कम्पनी बीएई सिस्टम्स और  फ्रांस की थेल्स कम्पनी ने मिल कर किया है। बीएई सिस्टम्स ने भारतीय नौसेना को पेशकश की है कि वह क्वीन एलिजाबेथ जैसा विमानवाहक पोत भारत के लिये बना सकता है। पिछले महीना मलयेशिया की लीमा रक्षा प्रदर्शनी के दौरान बीएई सिस्टम्स ने भारतीय रक्षा अधिकारियों से इस बारे में बात की थी।

बीएई सिस्टम्स के एक अधिकारी के मुताबिक भारत के लिये क्वीन एलिजाबेथ पोत  के डिजाइन में फेरबदल किया जा सकता है।  अधिकारी के मुताबिक प्रस्तावित पोत का भारत में मेड इन इंडिया के तहत निर्माण किया जा सकता है।

Comments

Most Popular

To Top