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स्पेशल रिपोर्ट: सिंगापुर, थाई नौसेना के साथ पहला त्रिपक्षीय अभ्यास शुरू

थाईलैंड और सिंगापुर के साथ भारत का नौसैनिक अभ्यास

नई दिल्ली। भारत के समुद्री इलाके में  दक्षिण पूर्व एशिया के दो देशों थाईलैंड और सिंगापुर के साथ भारत के पहले त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास सिटमेक्स-19 का समुद्री चरण  बुधवार को शुरू हो गया है।  इसके पहले दो दिनों तक तीनों देशो के बीच साझा अभ्यास का हारबर चरण सम्पन्न हुआ।





अंडमान सागर में थाईलैंड औऱ सिंगापुर की नौसेना के साथ भारतीय नौसेना का पहला त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास पोर्ट ब्लेयर के निकट शुरू  हुआ।  तीनों देशों के बीच 05 दिनों का यह अभ्यास समुद्री रिश्ते मजबूत करने के इरादे से आयोजित किया गया है। इस  त्रिपक्षीय अभ्यास से समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में भारी योगदान मिलेगा।

यहां भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने इस त्रिपक्षीय अभ्यास की जानकारी देते हुए बताया कि इस साझा अभ्यास से तीनों नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास औऱ समझ बढ़ेगी और इससे एक दूसरे की समुद्री संचालन की प्रक्रियाओं को बेहतर समझा जा सकेगा।

इस त्रिपक्षीय अभ्यास के तहत सिंगापुर नौसेना का गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आऱएसएन टेनेसस, थाईलैंड का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट एचटीएमएस  क्राबुरी को  भारतीय नौसेना के पोतों के साथ  उतारा  गया है। अभ्यास में भारतीय नौसेना का  विध्वंसक युद्धपोत (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर)  रणवीर, मिसाइल कार्वेट कोरा और आफशोर पेट्रोल वेसेल सुकन्या औऱ लम्बी दूरी के समुद्री टोही विमान पी-8-आई भाग ले रहे  है।

हारबर फेज के दौरान  नौसैनिकों के बीच पेशेवर मेलजोल, खेल गतिविधियां  और एक दूसरे के पोतों के डेक पर  दौरे हुए। त्रिपत्रीय अभ्यास के लिये समुद्री चरण  18  से 20 सितम्बर तक होगा।  समुद्री चरण के दौरान  सतही और हवाई कार्रवाई होगी।  इसमें तोपों का संचालन, सैन्य बलों की सुरक्षा के उपाय और  संचार ड्रिल आदि आय़ोजित होंगे।

 नौसैनिक प्रवक्ता के मुताबिक तीनों नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा  मजबूत समुद्री सुरक्षा के लिये सहयोग की भावना में इजाफा होगा।

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