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स्पेशल रिपोर्ट: 6 नई पनडुब्बियों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू

इंडियन सबमरीन
फाइल फोटो

नई दिल्ली। करीब  एक  दशक के विचार विमर्श के बाद रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिये 06 नई पनडुब्बियों को मुहैया कराने के इरादे से औपचारिक टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिये भारतीय सामरिक साझेदारों को भी सूचना भेज दी गई है।





यहां नौसैनिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्ट- 75 के तहत इन पनडुब्बियों के स्वदेशी साझेदारों के साथ मिलकर विदेशी कम्पनियों को बनाने का ठेका दिया जाएगा। इन छह पनडुब्बियों को हासिल करने पर 50, 000 करोड़ रुपये  की लागत आ सकती है।

भारतीय नौसेना ने अपने घटते पनडुब्बी बेड़े की भरपाई के लिये करीब एक दशक   पहले रक्षा मंत्रालय से इनकी सप्लाई के लिये आग्रह किया था। पिछली बार साल  2006 में फ्रांस से छह स्कॉरपीन पनडुब्बियों को खरीदने का आर्डर दिया गया था और इसके तीन साल बाद ही नौसेना  सरकार को आगाह किया था कि नौसेना का पनड़ुब्बी बेडा पुराना पड़ता जा रहा है जिनकी भरपाई के लिये सरकार को जल्द फैसले करने होंगे।  फ्रांसीसी स्कॉरपीन पनडुब्बियां इन दिनों मुम्बई की मझगांव गोदी पर बनाई जा रही है। इनमें से दो का निर्माण पूरा हो चुका है।

अब छह नई पनडुब्बयों  के स्वदेशी विकास के लिये नौसेना ने दुनिया की अग्रणी कम्पनियों को एक्सप्रेशन आफ इंटेरेस्ट ( EOI) जारी कर दिया है। प्रोजेक्ट-75 इंडिया के तहत नौसेना छह डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी हासिल करना चाहती है।

नौसेना चाहती है कि  छह नई पनडुब्बियां स्कारपीन से कम से कम आधी बडी हों । विदेशी और उनके भारतीय साझेदारों से अपनी पनडुब्बियों के बारे में पूरी जानकारी भेजने का आग्रह किया गया है।  सूत्रों के मुताबिक नौसेना चाहती है कि छह नई पनडुब्बियों पर 500 किलोमीटर दूर तक मार करने वाली  कम से कम  12 लैंड अटैक क्रूज मिसाइलों के अलावा एंटी शिप क्रूज मिसाइल तैनात करने की क्षमता हो। इनमें 18 भारी वजन वाले टारपीडो रखने की भी सुविधा देने का आग्रह किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने इस पनडुब्बी प्रोजेक्ट को वक्त पर पूरा करने के लिये नौसेना के एक अफसर को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा समुचित अधिकारों  वाली कमेटी का भी गठन कर दिया गया है।  गौरतलब है कि नौसेना के लिये इन दिनों  परमाणु पनडुब्बियों का निर्माण हो रहा है जिसमें से एक नौसेना को सौंपी जा चुकी है और दूसरी निर्माण के अंतिम चरण में है।

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