Navy

स्पेशल रिपोर्ट: नौसेना के स्क्वाड्रन ने हीरक जयंती मनाई

भारतीय नौसेना के ऑफिसर

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के सबसे पुराने स्क्वाड्रन नेवल एयर सक्वाड्रन-550 ने कोच्चि नौसैनिक अड्डे पर अपनी स्थापना की 60 वीं सालगिरह मनाई। इस स्क्वाड्रन ने नौसेना के समुद्री टोही विमानों के पायलटों को ट्रेनिंग देने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इस स्क्वाड्रन ने नौसेना को भारी तादाद में पायलट दिये हैं।





इस मौके को मनाने के लिये स्क्वाड्रन ने कई सामुदायिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया। इस मौके पर स्क्वाड्रन ने गत 11 जून को एक अंग दान सप्ताह मनाया। दक्षिणी नौसैनिक कमांड के नौसैनिकों और उनके परिवारजनों में उत्साह से हिस्सा लिया। 60वीं सालगिरह मनाने के लिये डाक विभाग ने प्रथम दिवस आवरण जारी किया। 17 जून को इसकी हीरक जयंती के मौके पर दक्षिणी नौसैनिक कमांड के फ्लैग आफीसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल ए के चावला और कमांड के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर नौसेना के शहीद लेफ्टिनेंट साइमन जार्ज प्यूनमोतिल के सम्मान में एक ट्राफी स्थापित की गई जिसे डार्नियर आपरेशनल फ्लाईंग ट्रेनिंग कोर्स के सबसे जोशीले अफसर को प्रदान किया जाएगा। लेफ्टिनेंट साइमन एक पायलट थे जिनकी 17 मई, 1985 को विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।

हीरक जयंती के लिये मनाये जाने वाले कार्यक्रमों में एक गोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें हवाई समुद्री टोही गतिविधियों के दौरान पैदा होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान वाइस एडमिरल चावला ने मुख्य भाषण दिया। अपने 60 सालों के इतिहास में स्क्वाड्रन ने 14 भिन्न प्रकार के विमान उड़ाए हैं जिसमें सी लैंड- विमान से लेकर डार्नियर समुद्री टोही विमान शामिल है। यह स्क्वाड्रन इन दिनों डार्नियर विमान ही उडा रहा है। इस स्कवाड्रन ने 1971 के भारत पाक युद्ध से लेकर 2004 के सुनामीके दौरान मानवीय राहत कार्य संचालित किये हैं। इस स्क्वाड्रन ने 2017 में ओखी तूफान और 2018 के दौरान केरल बाढ़ के दौरान भी राहत व बचाव कार्य में हिस्सा लिया है।

Comments

Most Popular

To Top