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स्पेशल रिपोर्ट: भारतीय नौसेना का अग्रणी युद्धपोत तरकश पहुंचा नामीबिया

आईएनएस तरकश
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का अग्रणी युद्धपोत तरकश इन दिनों कई देशे के सद्भावना दौरे पर है। इस क्रम में तरकश रविवार को नामीबिया के नौसैनिक अड्डा वालविस बे पर तीन दिनों के दौरे पर पहुंचा। यह युद्धपोत नामीबिया में 17 सितम्बर तक रहेगा।





आईएनएस तरकश पोत पिछले एक महीने से अफ्रीका, यूरोप औऱ रूस के  सद्भावना दौरे पर है। तरकश के  नामीबिया पहुचंने पर यहां नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह भारत और नामीबिया के बीच सौहार्द्पूर्ण  रिश्तों का  दर्शाता है। नामीबिया का दौरा यह भी दर्शाता है कि यह पोत  सुदूर समुद्री तटों तक भी पहुंच सकता है। यह पोत  दोस्त देशों के साथ सद्भावना के मकसद से  भ्रमण कर रहा है और समुद्री सुरक्षा में अपनी भूमिका रेखांकित कर रहा है।

पोत की कमान कैप्टन सतीश वासुदेव के पास है। यह पोत अत्याधुनिक हथियार औऱ सेंसर प्रणालियों से लैस है  औऱ समुद्र  के तीनों आयामो से पैदा होने वाले खतरों से निबट सकता है। यह पोत भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेडे  का हिस्सा है  जिसकी कमान पश्चिमी नौसैनिक बेड़े के फ्लैग आफीसर कमांडिंग इन चीफ सम्भालते हैं।

नामीबिया दौरे में पोत के नौसैनिक अफसर औऱ नौसैनिक अपने नामीबियाई समकक्षों के साथ मेल मिलाप करेंगे और पेशेवर मसलों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान तरकश के कैप्टन नामीबिया के नौसेना  प्रमुख  से शिष्टाचार भेंट करेंगे और नामीबियाई अधिकारियों के साथ  पेशेवर मसलों औऱ आपसी सहयोग के मसलों पर बातचीत करेंगे।

भारत और नामीबिया का आपसी सौहार्दपूर्ण रिश्तों का लम्बा इतिहास रहा है।  दोनों देश जनतांत्रिक मूल्यों , विकास और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते हैं। दोनों देशों के बीच सैनिक सहयोग के कई दिवपक्षीय समझौते मौजूद हैं।  भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों में नामीबिया के सैनिक अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाती  है। विदेशों के साथ दोस्ती के पुल बनाने के लिये भारतीय नौसेना के पोत नियमित तौर पर विदेशी तटों पर सद्भावना दौरे पर जाते हैं।  मौजूदा दौरे से भारत और नामीबिया के बीच दोस्ती की मौजूदा गांठें और मजबूत होंगी।

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