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स्पेशल रिपोर्ट: भारतीय नौसेना के युद्धपोत चीन रवाना

आईएनएस कोलकाता और शक्ति

नई दिल्ली। इस महीने के  तीसरे सप्ताह में चीनी जनमुक्ति सेना (PLA) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिये भारतीय नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस कोलकाता और फ्लीट टैंकर आईएनएस शक्ति चीन के नौसैनिक अड्डे छिंगताओ के लिये रवाना हो चुके हैं।





साल 2014 के बाद यह पहला मौका होगा जब भारतीय नौसैनिक पोत चीनी नौसैनिक आयोजन में शामिल होने के लिये भेजे गए हैं। इन दोनों युद्धपोतों पर पांच सौ से अधिक नौसैनिक सवार होंगे।

चीनी नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में अब तक 60 से अधिक देशों ने अपने युद्धपोतों को भेजने की पुष्टि की है। लेकिन रोचक बात यह है कि चीन के सदाबहार दोस्त पाकिस्तान ने इस नौसैनिक फ्लीट रिव्यू में अपने युद्धपोत भेजने में असमर्थता जाहिर की है क्योंकि उसे भारतीय सैनिक हमला का डर सता रहा है और वह अपने युद्धपोतों को बाहर भेजकर अपनी समुद्री ताकत में कमी नहीं होते देखना चाहता है। अमेरिका ने भी दक्षिण चीन सागर में चीन से चल रहे टकराव के मद्देनजर अपने युद्धपोत फ्लीट रिव्यू में नहीं भेजने का फैसला किया है।

लेकिन पिछले साल अप्रैल में चीन के वूहान शहर में चीनी राष्ट्रपति शी चिन फिंग की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई अऩौपचारिक शिखर बैठक के दौरान हुई सहमति के बाद भारत और चीन ने आपसी सद्भाव के तहत एक दूसरे के साथ मेलजोल जारी रखने का फैसला किया है। गौरतलब है कि जून, 2017 में डोकलाम में चीनी सेना से हुई तनातनी के बाद भारत और चीन के राजनयिक और सैन्य रिश्तों में तल्खी  पैदा हो गई थी।

अब दोनों देशों ने एक दूसरे से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आपसी भरोसा बढ़ाया है और इससे सीमा पर परस्पर शांति व सद्भाव का माहौल बना है।

भारत ने चीन के फ्लीट रिव्यू के मौके पर अपने सबसे आधुनिक और देश में बने विध्वंसक पोत कोलकाता को भेजकर चीन और अंतरराष्ट्रीय संदेश दिया है कि भारत एक ताकतवर औऱ आत्मविश्वासी सेना के तौर पर उभर चुका है।  यह भारतीय पोत चीन में विदेशी सैनिकों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनेगा। गौरतलब है कि आईएनएस कोलकाता एक स्टील्थ विध्वंसक पोत है जिस पर भारत की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस तैनात  की गई है।

स्टील्थ विध्वंसक पोत कोलकाता और तेलवाहक पोत शक्ति को एक साथ चीन भेजकर भारत ने यह संदेश भी दिया है कि भारत की नौसैनिक ताकत को नजरअंदाज नहीं करे।

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