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 स्पेशल रिपोर्ट: चीन के परेड में भारतीय नौसैनिक पोत भाग लेंगे

भारतीय युद्धपोत

नई दिल्ली। चीनी जनमुक्ति सेना ( PLA) की 70वीं सालगिरह के मौके पर चीनी नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिये भारतीय नौसेना के दो  बड़े युद्धपोत ‘आईएनएस कोलकाता’ और ‘आईएनएस शक्ति’ 21 अप्रैल को चीन के छिगताओ नौसैनिक अड्डे पर पहुंचेंगे।





यहां नौसैनिक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बेड़े के निरीक्षण के मौके पर चीन ने भारत सहित कई देशों को आमंत्रित किया था। इस निरीक्षण के मौके पर युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक विमानों की परेड आयोजित की जाती है। इस परेड का आयोजन भाग लेने वाले देशों के बीच आपसी सद्भावना बढ़ाने, आपसी सहयोग मजबूत करने और अपनी नौसैनिक क्षमताओं का प्रदर्शन करने के इरादे से किया जाता है। इस दौरान विभिन्न देश अपनी नौसैनिक पोत निर्माण क्षमता का भी प्रदर्शन करते हैं।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना भी इस तरह का नौसैनिक बेड़ा निरीक्षण आयोजित करती है। दूसरी बार पिछला नौसैनिक निरीक्षण भारतीय नौसेना ने  विशाखापतनम में फरवरी, 2016 में आयोजित किया था। इस निरीक्षण में 50 से अधिक नौसेनाओं के सौ से अधिक पोतों ने भाग लिया था।

छिंगताओ नौसैनिक निरीक्षण में भारतीय नौसेना भी अपनी स्वदेशी पोत निर्माण क्षमता का प्रदर्शन करेगी। इस दौरान देश में ही बना स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर आईएनएस कोलकाता और सहायक पोत आईएनएस शक्ति को भेजा है। आईएनएस शक्ति 27 हजार टन विस्थापन क्षमता वाला पोत तेलवाहक पोत है। इस पोत पर करीब  15 हजार टन तेल और पांच सौ टन ठोस सामान लादा जा सकता है।

आईएनएस शक्ति अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक युद्ध के उपकरणों, सेंसर और अन्य रेडार प्रणालियों से लैस है जिससे यह पोत समुद्र के तीनों आयामों में युद्ध कर सकता है।  इस  पोत  के जरिये भारत अपनी नौसैनिक ताकत और पोत निर्माण क्षमता से अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक जगत को अवगत कराएगा।

छिंगताओ नौसैनिक अड्डे के हारबर पर प्रवास के दौरान नौसैनिक निरीक्षण में भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच  सांस्कृतिक, खेल और अन्य आयोजनों के जरिये आपसी मेलजोल बनाने का मौका मिलेगा। ये पोत 22 अप्रैल को नौसैनिक परेड में भाग लेंगे जिसकी सलामी चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग लेंगे।

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