Navy

स्पेशल रिपोर्ट: तूफान के बाद भारतीय नौसैनिक पहुंचे मोजाम्बीक

INS सुजाता राहत-बजाव कार्य में

नई दिल्ली। अफ्रीकी देश मोजाम्बीक में पांच दिन पहले आए भीषण समुद्री तूफान के बाद राहत व बचाव के लिये भारतीय नौसेना के युद्धपोत मोजाम्बीक के तट पर पहुंच गए हैं।





मोजाम्बीक के लोगों को मदद पहुंचाने वाले भारतीय नौसैनिकों का  पहला अंतरराष्ट्रीय सहायता दल है जिसने अपने संसाधन मोजाम्बीक के समुद्र तट पर तैनात किये हैं। भारतीय नौसेना ने अपना राहत दल मोजाम्बीक की सरकार के आग्रह पर भेजा है। इदाई नाम का समुद्री तूफान मोजाम्बीक के समुद्र तट बेरा पर 15 मार्च को तड़के पहुंचा था। इस वजह से खासकर बेरा समुद्र तटीय शहर में जानमाल को भारी नुकसान हुआ। तूफान की वजह से  शहर की कई ढांचागत संरचनाएं ध्वस्त हो गईं। बेरा बंदरगाह के निकट बुजी शहर के पास पांच हजार से अधिक लोग फंसे हैं  जिन्हें वहां से तुरंत सुरक्षित निकालने की जरूरत है। नागरिकों को बाहर निकालने का काम स्थानीय लोगों की मदद से किया जा रहा है।

राहत व बचाव कार्य के लिये नौसेना ने मोजाम्बीक के पास ही समुद्री इलाके में विचरण कर रहे अपने युद्धपोतों सुजाता, सार्थी और शार्दुल को मोजाम्बीक के तट पर रवाना होने का निर्देश दिया था। ये पोत दक्षिणी हिंद महासागर में गश्ती ड्युटी पर थे जिन्हें बेरा बंदरगाह पर जाने को कहा गया था।

मोजाम्बीक के रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना द्वारा किये जा रहे राहत कार्यो का मुआयना करने के लिये खुद भारतीय युद्धपोतों का दौरा किया। भारतीय नौसेना के फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन के कैप्टन वरुण सिंह ने मोजाम्बीक के अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना द्वारा राहत व बचाव कार्य में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी।  इन पोतों के जरिये मोजाम्बीक के तट पर खाद्य सामग्री, दवाएं और कपड़े पहुंचाए गए।

इन पोतों की मदद से मोजाम्बीक के तूफान पीड़ितों के लिये पेयजल की सप्लाई की व्यवस्था भी की जा रही है।   भारतीय नौसेना जल्द ही मोजाम्बीक के तट पर चिकित्सा शिविर लगाएगी और वहां कम्बल, पानी और अन्य जरुरी वस्तुएं मुहैया कराएगी। भारतीय नौसेना मोजाम्बीक के तूफान पीडितों की मदद के लिये सभी जरूरी मदद देने को तैयार है।

Comments

Most Popular

To Top