Navy

स्पेशल रिपोर्ट: भारत और फ्रांस के बीच साझा नौसैनिक अभ्यास शुरू

भारत-फ्रांस के बीच साझा नौसैनिक अभ्यास

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच  17 वां साझा नौसैनिक अभ्यास वरुण एक मई से गोवा के तट पर शुरू हो गया जो 10 मई तक चलेगा। इस अभ्यास का दूसरा चरण अफ्रीकी देश जिबूती के तट पर मई के अंत में होगा।





यहां नौसैनिक प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस साझा अभ्यास में फ्रांसीसी नौसेना का  विमानवाहक पोत चार्ल्स  द गाल, दो विध्वंसक पोत एफएऩएस फोर्बिन  और एफएनएस प्रोविंस, फ्रिगेट एफएनएस लातुश त्रेविले, टैंकर एफ एन एस मार्ने और परमाणु पनडुब्बी को शामिल किया गया है जब कि भारतीय नौसेना अपने विमानवाहक पोत विक्रमादित्य, विध्वंसक पोत आईएनएस मुम्बई, फ्रिगेट आईएनएस तरकश, शिशुमार वर्ग की पनडुब्बी  शंकुल और तेल वाहक पोत आईएनएस दीपक को साझा अभ्यास में उतार रही है।

अभयास  का पहला चरण  हारबर फेज गोवा समुद्र तट पर होगा जिसमें एक दूसरे के पोतों का नौसैनिक अधिकारी भ्रमण करेंगे, पेशेवर आदान प्रदान,  आपसी चर्चा और खेल के आयोजन होंगे। अभ्यास के समुद्री चरण  में समुद्री कार्रवाई की  विभिन्न  गतिविधियां होंगी।

भारत और फ्रांस के बीच साझा नौसैनिक अभ्यास का सिलसिला साल 1983 से शुरू हुआ था और साल 2001 में इसका नाम वरुण रखा गया। यह अभ्यास भारत फ्रांस के बीच सामरिक साझेदारी का अहम हिस्सा बन चुका है। पिछले कुछ सालों में इस अभ्यास का दायरा बढता ही गया है जिससे भारत और फ्रांस के बीच मजबूत सामरिक रिश्ते परिलक्षित होते हैं। हिंद महासागर में सहयोग की साझा सामरिक सहमति  मार्च, 2018 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुयल मैक्रों के भारत दौरे में हुई थी। वरुण अभ्यास का उद्देश्य दोनों  नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल का रिश्ता विकसित करना है। समुद्री सुरक्षा में भारत और फ्रांस के साझा हित हैं और यह अभ्यास इन्हीं हितों के संवर्द्धन में योगदान करेगा।

Comments

Most Popular

To Top