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Special Report: समुद्री सुरक्षा पर 29 देशों के नौसैनिक दिल्ली में

29 देशों के नौसैनिक

नई दिल्ली। हिंद महासागर के 29 तटीय देशों के 41 आला नौसैनिक अधिकारियों ने यहां 12 जून से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के मसलों पर चर्चा शुरू की।  दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भारतीय नौसेना के डिप्टी चीफ  वाइस एडमिरल एम एस पवार ने कहा कि  हिंद महासागर के तटीय देशों के बीच बेहतर समुद्री सहयोग औऱ सूचनाओं के आदान-प्रदान की जरूरत है।





भारतीय नौसेना की मेजबानी मे दो दिनों तक चलने वाले मेरीटाइम इनफॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशाप का आयोजन गुरूग्राम स्थित भारतीय नौसेना के  इनफार्मेशन फ्यूजन सेंटर- इंडियन ओसन रीजन (आईएफसी- आईओआऱ ) द्वारा आयोजित किया गया है। हिंद महासागर  में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये  गत वर्ष  22 दिसम्बर को तत्कालीन रक्षा मंत्री ने  इस सेंटर का उद्घाटन किया था।

अपने उद्घाटन सम्बोधन में नौसेना के डिप्टी चीफ ने क्षेत्र के साझेदार देशों के बीच नजदीकी सहयोग और तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने सभी देशों के नौसैनिक अधिकारियों से कहा कि मैरीटाइम इनफॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशाप  में सक्रिय भागीदारी करें। इस वर्कशाप को मालागासी नौसेना के प्रमुख   रियर एडमिरल वाओहावी अंदासे ने भी  सम्बोघित किया।

वर्कशाप में हिंद प्रशांत इलाके में समसामयिक समुद्री चुनौतियों पर भी चर्चा रखी गई।  इसमें वाइस एडमिरल प्रदीप चौहान (रिटायर्ड) ने  इस इलाके की समुद्री चुनौतियो के बारे में अपने विचार रखे।  दो दिनों तक चलने वाले इस वर्कशाप में  भाग ले रहे प्रतिनिधियों को आईएफसी- आईओआऱ के बारे में जानकारी दी गई।  उन्हें इस सेंटर में सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया बताई गई।  इसकी बदौलत समुद्री सुरक्षा के विभिन्न मसलों जैसे समुद्री डाकाजनी, आतंकवाद,  मानव व मादक पदार्थ तस्करी,  मानवीय सहायता , राहत व बचाव आदि के  कदम उठाने में मदद मिलती है। भाग ले रहे प्रतिनिधि सूचना  आदान प्रदान का अभ्यास  और सर्वेश्रेष्ठ प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी हासिल कर रहे हैं।

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