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Special Report: एडमिरल वर्मा ने वापस ली अपनी याचिका

एडमिरल बिमल वर्मा

नई दिल्ली। एडमिरल करमबीर सिंह को  नौसेना प्रमुख के तौर पर नियुक्त करने के रक्षा मंत्रालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिक वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने वापस ले ली। उन्होंने  यह याचिका आर्म्ड फोर्सेज मिलिट्री ट्राइबुनल में दायर की थी।





सैन्य मामलों की इस अदालत ने वाइस एडमिरल  वर्मा से कहा कि पहले विभागीय स्तर पर इस मसले का निदान खोजें। बिमल वर्मा अंडमान एवं निकोबार कमांड के कमांडर इन चीफ है। उन्होंने सशस्त्र सेना न्यायाधिकरण में  अपनी याचिका में शिकायत की थी कि उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज कर उनसे जूनियर एडमिरल को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने सरकार से पूछा था कि उनकी वरिष्ठता का उल्लंघन किस आधार पर किया गया।

सूत्रों ने बताया कि एडमिरल वर्मा ने अपनी याचिका इस निर्देश के बाद वापस ली कि यदि वैधानिक शिकायत के जरिये उन्हें विभागीय  न्याय नहीं मिलता है  तब वह आर्म्र्ड फोर्सेज ट्राइबुनल में फिर याचिका दायर कर सकते हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने पिछले महीने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना प्रमुख के तौर पर नियुक्त करने का फैसला लिया था। एडमिरल सुनील लांबा 30 मई को  रियाटर हो रहे हैं। गौरतलब है कि तीन साल पहले थलसेना प्रमुख की नियुक्ति के दौरान भी सरकार ने वरिष्ठता की परम्परा का उल्लंघन किया था।

एडमिरल वर्मा के अलावा नौसेना प्रमुख पद के अन्य दावेदार थे नौसेना के वाइस चीफ एडमिरल जी . अशोक कुमार पश्चिमी नौसैनिक कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल अजीत कुमार और दक्षिणी नौसैनिक कमांड के प्रमुख फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला। वाइस एडमिरल सिंह फिलहाल पूर्वी नौसैनिक कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमाडिंग इन चीफ का दायित्व सम्भाल रहे हैं।  वह पहले हेलिकॉप्टर पायलट होंगे जिन्हें नौसेना प्रमुख का पद सौंपा जाएगा।

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