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स्पेशल रिपोर्ट: चौथी पनडुब्बी वेला का जलावतरण, परीक्षण के बाद नौसेना में होगी शामिल

आईएनएस वेला

नई दिल्ली। फ्रांस के सहयोग से मुम्बई स्थित मझगांव गोदी पर बन रही स्कार्पीन वर्ग की चौथी पनडुब्बी वेला को औपचारिक तौर पर जलावतरण किया गया। इसके लॉन्च होने के बाद पनडुब्बी की विभिन्न प्रणालियों का परीक्षण होगा और फिर इसके समुद्री परीक्षण के बाद इसे औपचारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल के अंत तक यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना में सक्रिय हो जाएगी।





फ्रांसीसी नेवल ग्रुप के तकनीकी सहयोग के बनी  इस पनडुब्बी को औपचारिक तौर पर रक्षा उत्पादन सचिव की पत्नी वीणा ने लॉन्च किया जब कि इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार मौजूद थे। इस मौके पर नौसेना के युद्धपोत उत्पादन के प्रमुख एडमिरल एके सक्सेना नौसेना और रक्षा मंत्रालय के अन्य आला अधिकारियों के साथ मौजूद थे।

यहां नौसैनिक अधिकारियों के मुताबिक फ्रांस के सहयोग से देश में बनी यह पनडुब्बी भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को  आगे बढ़ाता है।  इसे रक्षा उत्पादन विभाग सक्रियता से लागू कर रहा है।  लॉन्च होने के पहले पोंटून से अलग करने के पहले पनडुब्बी को खींच कर मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट ले जाया गया था। इसके बाद पनडुब्बी का गहन परीक्षण होगा।

फ्रांस के नेवल ग्रुप के साथ 06 पनडुब्बियों के निर्माण का समझौता 2006 में हुआ था। इसके तहत नेवल ग्रुप ने पनडुब्बी को भारत में बनाने का तकनीक हस्तांतरण का समझौता किया था। मझगांव गोदी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कमोडोर राकेश आनंद ने कहा कि गत 20 अप्रैल को पी-15बी विध्वंसक पोत आईएनएस इम्फाल के लॉन्च होने के  बाद अब आईएनएस वेला का लॉन्च होना मझगांव गोदी की इस साल की  बड़ी उपलब्धियां हैं। उन्होंने बताया कि मझगांव गोदी में फिलहाल आठ युद्धपोत  और पांच पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं।

स्कार्पीन वर्ग की पनड़ुब्बियां आज के दौर की किसी भी आधुनिक पनडुब्बी की भूमिका निभा सकती है। यह पनडुब्बी  युद्धपोत औऱ पनडुब्बी नाशक युद्ध में भी पारंगत होगी। कमोडोर आनंद ने कहा कि मझगांव गोदी अब भविष्य की पनडुब्बियों को बनाने के लिये तैयार है।

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