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Special Report: नौसेना ने गिनाई दूसरी स्कार्पीन पनडुब्बी में 36 खामियां

INS खंडेरी
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। फ्रांस की नेवल ग्रुप कम्पनी द्वारा मुम्बई स्थित मझगांव गोदी में बनाई जा रही स्कार्पीन वर्ग की दूसरी पनडुब्बी में नौसेना ने कई तकनीकी खामियां गिनाई हैं और कहा है कि जब तक इन्हें दुरुस्त नहीं किया जाएगा, नौसेना इन्हें स्वीकार नहीं करेगी।





रक्षा सूत्रों के मुताबिक स्कार्पीन वर्ग की दूसरी पनडुब्बी खंडेरी में  नौसेना ने 36 खामियां देखी हैं। इन्हें दुरुस्त करने के  बाद ही चूंकि नौसेना में इन्हें शामिल किया जाएगा इसलिये इन्हें नौसेना में शामिल करने के तयशुदा लक्ष्य में एक साल से अधिक की देरी हो सकती है। स्कार्पीन वर्ग की पहली पनडुब्बी पिछले साल मार्च में नौसेना को सौंपी जा चुकी है। लेकिन नौसेना के अधिकारियों ने दूसरी पनडुब्बी खंडेरी में जो कमियां देखी है वे पनडुब्बी के लिये घातक साबित हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक पनडुब्बी में सबसे बड़ी खामी इसके इंजन द्वारा काफी शोर करना है। किसी पनडुब्बी का इंजन यदि अधिक शोर करता है तो यह तुरंत दुश्मन की निगाह में आ सकता है।

रक्षा मंत्रालय ने नौसेना की इन आपत्तियों से सहमति जताते हुए मझगांव गोदी से कहा है कि खंडेरी पनडुब्बी में जरूरी सुधार करने के बाद ही नौसेना को सौंपे।  गौरतलब है कि नौसेना के पास फिलहाल जर्मनी की 04 एचडीडब्ल्यू वर्ग की पनडुब्बियां  और रूसी किलो वर्ग की 09 पनडुब्बियां हैं।  फ्रांस के नेवल ग्रुप को भारत में स्कारपीन वर्ग की छह पनडुब्बियां बनाने का  26 हजार करोड़ रुपये का आर्डर  साल 2006 में दिया गया था। इन पनडुब्बियों को नौसेना को सौंपे जाने में पहले ही तीन साल की देरी हो चुकी है।

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