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सफ़र पर INS खांदेरी, कड़े परीक्षणों के बाद होगी शामिल

INS-खांदेरी

मुंबई। स्कॉर्पीन क्लास की छह पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी खांदेरी मुंबई हार्बर से अपनी पहली समुद्री यात्रा पर निकल गई है। पनडुब्बी को कड़े परीक्षणों के बाद भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खांदेरी शनिवार को अपनी पहली समुद्री यात्रा पर निकल गई। यह उसके प्रणोदन संयंत्र का पहला प्रमुख परीक्षण है। अधिकारी ने कहा कि सफल परीक्षण के बाद पनडुब्बी इस साल भारतीय नौसेना में शामिल होने की दिशा एक कदम आगे बढ़ जाएगी। अब उसे कड़े परीक्षणों से गुजरना होगा।





इस साल 12 जनवरी को हुई थी लॉन्च

आईएनएस खंडेरी को 12 जनवरी 2017 को लॉन्च किया गया था। इसकी लॉन्चिंग के मौके पर मझगांव डॉक लिमिटेड शिपयार्ड पर आयोजित कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे भी मौजूद थे। भामरे ने उस दौरान कहा था कि वह दिन दूर नहीं जब हम दूसरे देशों के लिए भी सबमरीन बनाएंगे।

दुश्मनों से बचने के लिए स्टील्थ फीचर मौजूद

स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियां डीजल और बिजली से चलती हैं। मुख्य तौर पर इसका इस्तेमाल जंग में हमले के लिए होता है। INS खांदेरी में दुश्मनों की नजर से बचने के लिए स्टील्थ फीचर है। इसके अलावा, यह दुश्मन पर प्रीसेशन गाइडेड मिसाइल के जरिए सटीक और घातक हमला कर सकता है। हमले करने के लिए इसमें पारंपरिक टारपीडो के अलावा ट्यूब लॉन्च एंटी शिप मिसाइल्स हैं, जिसे पानी के अंदर या सतह से दागा जा सकता है।

कम्यूनिकेशन की आधुनिक डिवाइस

यह सबमरीन उष्णकटिबंधीय मौसम समेत किसी भी हालात में ऑपरेट करने में सक्षम है। इसमें कम्यूनिकेशन की अत्याधुनिक डिवाइस लगी हुई हैं। किसी भी अत्याधुनिक सबमरीन की तरह ही इससे कई तरह के मिशन्स (एंटी सरफेस और एंटी सबमरीन, खुफिया सूचनाएं जुटाना, माइन बिछाना, इलाके की निगरानी) को अंजाम दिया जा सकता है।

जीत की वजह बना था ‘खांदेरी’ किला 

खांदेरी का नाम मराठा लड़ाकों के एक द्वीप पर स्थित किले पर रखा गया है। उन्हें इस किले की वजह से 17वीं शताब्दी में समुद्र पर अपना कब्जा कायम करने में मदद मिली थी।

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