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बस 3 साल और… नौसेना को मिल जाएगा ‘INS विक्रांत’

नई दिल्ली। भारत में बनने वाला पहला विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) 2020 तक नौसेना को मिल जाने की उम्मीद है। इसका निर्माण कोच्चि में किया जा रहा है। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लान्बा ने बताया कि इस पोत का ट्रायल 2019 में शुरू हो जाएगा और संभवत: उससे अगले साल इसे नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।





नौसेना प्रमुख ने ‘INS VIKRANT’ और नौसेना की कुछ और परियोजनाओं से जुड़ी जानकारियां FICCI के कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में साफ की। एडमिरल लान्बा ने कहा कि आईएनएस विक्रांत का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से चल रहा है।

INS विक्रांत

INS विक्रांत का पहला लुक जब सामने आया था

INS विक्रांत

कोच्ची शिपयार्ड से बाहर लाया गया INS विक्रांत

आईएनएस-कालवेरी

भारत की पहली स्वदेशी पनडुब्बी INS कालवेरी

नेवी चीफ ने इस बात की भी पुष्टि की कि भारत की पहली स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस कालवेरी (INS KALVERI) अगले दो महीने के भीतर नौसेनिक बेड़े में शामिल हो जाएगी। कालवेरी उन छह पनडुब्बियों में से पहली पनडुब्बी है जो फ्रांस की डीसीएनएस के सहयोग से मजगांव गोदी में बनाई जा रही है और एक साल से समुद्र में ट्रायल पर है।

आईएनएस खांदेरी

आईएनएस खांदेरी : इसी साल जनवरी में लॉन्च किया गया था और इसे साल के अंत तक मुश्किल परीक्षणों से गुजारा जाएगा

फ्रांस के साथ ही चल रहे प्रोजेक्ट 75 के तहत आईएनएस खांदेरी (INS KHANDERI) दूसरी पनडुब्बी है, जिसे इसी साल जनवरी में लॉन्च किया गया था और जिसे साल के अंत तक हर तरह के मुश्किल परीक्षणों से गुजारा जाएगा।

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