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नौसेना का पहला स्वदेश निर्मित फ्लोटिंग डॉक लांच

फ्लोटिंग डॉक

नई दिल्ली। चेन्नई के नजदीक काट्पल्ली में आज भारतीय नौसेना (Indian Navy) का पहला स्वदेशी निर्मित फ्लोटिंग डॉक (एफडीएन -2) लांच कर दिया गया। यह भारत की आत्मनिर्भरता में मील का एक पत्थर है। अब डॉक के ट्रायल की प्रक्रिया शुरु होगी। इसके बाद इसे नौसेना को सौंप दिया जाएगा। भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल डी. एम. देशपांडे ने एफडीएन -2 के डिजाइन और निर्माण में एल एंड टी के प्रयासों की सराहना की है।





फ्लोटिंग डॉक

पहले स्वदेश निर्मित फ्लोटिंग डॉक को लांच करतीं वाइस एडमिरल डीएम देशपांडे की पत्नी अंजलि

रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार वाइस एडमिरल डीएम देशपांडे की पत्नी श्रीमती अंजली देशपांडे ने परंपराओं के अनुसार फ्लोटिंग डॉक पर ‘कुमकुम’ लगाया। उन्होंने डॉक को शुभकामना दी तथा युद्धपोत का जलावतरण भी किया।

क्या है फ्लोटिंग डॉक

  • फ़्लोटिंग डॉक एक स्वदेशी डिजाइन और निर्मित प्लेटफार्म है
  • यहाँ जहाजों की मरम्मत और मेंटीनेंस होता है
  • इसमें आधुनिक मशीनरी और नियंत्रण प्रणाली लगी है
  • इसके द्वारा 8000 टन डिस्प्लेसमेंट वाले युद्धपोतों को डॉक करने की क्षमता है
  • इसमें उन्नत ऑटोमेटेड Ballast कंट्रोल सिस्टम के साथ उच्च क्षमता वाला Ballast पंप भी है
  • इस डॉक में एफडीएन -2 के साथ नई प्रौद्योगिकी है जो खराब मौसम की स्थिति में मरम्मत और अन्य गतिविधियों को सुविधाजनक बनाता है

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