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भारतीय नौसेना के दो जहाज क्यों पहुंचे मलेशिया

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के जहाज शिवालिक और ज्योति रविवार को मलेशिया के कुआन्तान पहुंच गए। यह दक्षिण पूर्वी एशिया और दक्षिणी हिंद महासागर में तैनाती पर है। भारत ने ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत इन जहाजों को मलेशिया के कुआन्तान पोर्ट के दौरे पर भेजा है, जहां जहाज 14 मई से 19 मई, 2017 तक तैनात रहेंगे।





रक्षा विभाग के एक बयान के मुताबिक, कुआन्तान बंदरगाह पर 19 मई तक रहने के दौरान कई गतिविधियां जैसे आधिकारिक मुलाकात, औपचारिक स्वागत, भारतीय नौसैनिक कर्मियों के लिए निर्देशित पर्यटन और दोनों देशों के नौसेना कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत की योजना बनाई गई है।

आईएनएस ज्योति

बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना जहाज की यात्रा समुद्री क्षेत्र में अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करने व भारत और मलेशिया के बीच मौजूदा संबंधों को मजबूत करने, अनुकूल एवं सामंजस्यपूर्ण देशों के साथ भारत की शांतिपूर्ण उपस्थिति और एकजुटता को रेखांकित करना चाहता है।

आईएनएस शिवालिक नौसेना का एक मल्टीरोल जहाज है जिसके कैप्टन आर विनोद कुमार कमांड हैं और आईएनएस ज्योति के कैप्टन एस श्याम सुंदर हैं। यह दौरा 14 मई से शुरू हो गया है और 19 मई को खत्म होगा। कुआन्तान पोर्ट मलेशिया प्रायद्वीपीय के पूर्वी तट क्षेत्र में एक बहुउद्देश्यीय बंदरगाह है जो कुआन्तान शहर के उत्तर में 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह पोर्ट दक्षिण चीन सागर के सामने है।

गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने भारत का दौरा किया था और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता के लिए मुलाकात की और दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ाया। पिछले साल जुलाई में रॉयल मलेशिया नौसेना के चीफ एडमिरल टैन अहमद कमारुलजमन ने दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की यात्रा की थी।

हिन्द महासागर क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से समुद्री चिंताओं को ध्यान में रखते हुए हाल के दिनों में भारतीय नौसेना ने अपने जहाजों को तेजी से तैनात किया है। इसके अलावा, भारत सरकार नेे सागर सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी, खोज और बचाव के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित देशों की सहायता करने और उनकी क्षमताएं बढ़ाने में भी सहयोग दिया है।

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