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नौसेना के 20,000 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी, मिलेंगे चार नए अत्याधुनिक युद्धपोत

युद्धपोत

नई दिल्ली। समुद्र में ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के 20,000 करोड़ रुपये के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नेवी ने कुछ समय पहले रक्षा मंत्रायल के पास चार अत्याधुनिक युद्धपोतों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव के तहत नौसेना को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से सुसज्जित चार अत्याधुनिक युद्धपोतों को खरीदने की मंजूरी मिल गई है। इन चार युद्ध पोतों में से दो रूस में बनेंगे और दो को भारत में तैयार किया जाएगा। इस सौदे से भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी। बता दें विमान वाहक पोत आईएनएस विराट सोमवार को रिटायर हो गया। इसने 57 सालों तक नेवी को अपनी सेवा दी थी।





रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अगुवाई में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की मंजूरी के बाद नेवी के अफसर अब रूस और दूसरे वेंडर्स से इसकी लागत के बारे में बात करेंगे। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

जीएसएल प्रमुख रियर एडमिरल शेखर मित्तल ने इस मामले पर कहा है कि उन्होंने इस दिशा में काम शुरु कर दिया है और वह इस तरह के बड़े युद्धपोतों के निर्माण के लिए तैयार हैं। प्रोजेक्ट शुरु होने के बाद जीएसएल को इसे नेवी को सौंपने में करीब चार साल का समय लगेगा। भारतीय नौसेना ने इससे पहले भी रूस के साथ कई रक्षा सौदे किए हैं। रूस के बनाए हुए छह युद्धपोत भारतीय नौसेना को सेवाएं दे रहे हैं। ये युद्धपोत ब्रह्मोस जैसी शक्तिशाली मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है।

पूरी तरह से रूस में बने युद्धपोत में से तीन KLUB के मुख्य हथियार माने जाते हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक स्थानीय रूप से निर्मित युद्धपोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में बनाया जाएगा। यंतर शिपयार्ड युद्धपोतों के निर्माण में कुछ मुश्किलें आ रही हैं। इसके इंजन यूक्रेन में बने हैं। जिसके वजह से मॉस्को के साथ युद्धपोतों के मामले में संबंध ठीक नहीं चल रहे।

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