Navy

भारत, चीन व पाकिस्तान ने डाकुओं से बचाया मर्चेंट पोत

विदेशी मर्चेंट पोत एमवी ओएस 35

नई दिल्ली। भारत, चीन और पाकिस्तान के युद्धपोतों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अदन की खाड़ी में सोमालियाई डाकुओं के हमले से एक मर्चेंट पोत को बचा लिया। एमवी ओएस 35 (तुवालु पंजीकृत पोत) को जब समुद्री डाकुओं ने अगवा किया तब वह मलेशिया के केलंग से यमन बंदरगाह शहर अदन तक यात्रा पर था। कई सालों तक चुप्पी के बाद समुद्री डाकुओं की यह ताजा हरकत है।





भारतीय नौसेना को एमवी ओएस 35 से एक संकटग्रस्त कॉल प्राप्त हुई थी। तत्काल भारतीय नौसेना ने अपने दो युद्धपोतों – आईएनएस मुंबई और आईएनएस तारक – को व्यापारी जहाज की दिशा में मोड़ दिया। भारतीय युद्धपोतों ने व्यापारी पोत के कप्तान से संपर्क किया, जिन्होंने चालक दल के साथ बोर्ड के स्ट्रांग रूम में खुद को बंद कर लिया था।
चीनी, पाकिस्तानी और इतालवी युद्धपोत जो आस-पास के थे, भी मौके पर पहुंच गए।

चीन की नौसेना ने 178 मीटर लम्बे मर्चेंट पोत को यह जांचने-परखने के लिए 18 लोगों की टीम भेजी कि कोई डाकू कहीं छिपा तो नहीं है जबकि भारतीय नौसेना ने अपने हेलिकाप्टरों के साथ हवाई कवर दिया और संचार सिस्टम मुहैया कराया। ऑपरेशन में चीन नौसेना की युलिन गाइडेड मिसाइल पोत ने भी हिस्सा लिया।

भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टर कवर से हौसला पाकर और इसके बारे में ‘सुस्पष्ट संकेत‘ प्राप्त कर कि मर्चेंट पोत के ऊपरी डेक पर कोई भी समुद्री डाकू दिखाई नहीं पड़ रहा है, क्रू के कुछ सदस्य धीरे धीरे स्ट्रॉंग रूम से बाहर निकले एवं जहाज की पूरी खोजबीन की और पता लगाया कि समुद्री डाकू रात में ही जहाज छोड़ कर भाग गए थे।

सभी 19 फिलिपिनो क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। मर्चेंट पोत के कप्तान ने भारतीय नौसेना के जहाजों को उनकी त्वरित प्रतिक्रिया एवं हवाई कवर उपलब्ध कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।

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