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जन्म के 22 साल बाद एनएसजी कमांडो पहली बार दिखेंगे गणतंत्र दिवस परेड में

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इस बार गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी 2017 को राजपथ पर होने वाली परेड में एक नई एंट्री देखने को मिलेगी।

इस बार गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी 2017 को राजपथ पर होने वाली परेड में एक नई एंट्री देखने को मिलेगी। ये एंट्री है एनएसजी कमांडो यानि नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के कमांडो की।





खबर के अनुसार, भारत के इतिहास में पहली बार गणतंत्र दिवस पर एनएसजी कमांडो भी परेड करते दिखेंगे। ये पहला मौका होगा जब ब्लैक कैट कहलाने वाले एनएसजी कमांडो राजपथ पर अपने जौहर दिखाएंगे। अभी तक सिर्फ आर्मी स्पेशल फोर्स के कमांडो ही राजपथ पर परेड में हिस्सा लेते रहे हैं। राजपथ पर परेड के दौरान 140 ब्लैक कैट कमांडो अपना शौर्य दिखाएंगे।

एनएसजी के जवान किसी भी तरह के आतंकी हमले से निपटने के लिए हमेशा मुस्तैद रहते है। पिछले कुछ दिनों से राजपथ पर इन कमांडो की रिहर्सल चल रही है। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सीनियर अफसरों के बीच बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है। इस बाबत जानकारी मिलने के बाद नेशनल सिक्योरिटी गार्ड(NSG) हेडक्वार्टर्स ने तैयारी भी शुरु कर दी है।

माना जा रहा है कि एनएसजी कमांडो के साथ-साथ आर्मी और अर्धसैनिक बलों की कुछ और टुकड़ियां भी पहली बार परेड करते दिख सकती हैं। एनएसजी का गठन 1984 में किया गया था। ये कमांडो आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हैं। अपने गठन के 22 साल बाद एनएसजी के कमांडो परेड में दिखेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के बारे में जानिए

  • भारतीय स्पेशल फोर्स की एक विशेष यूनिट है जो गृह मंत्रालय के तहत काम करती है।
  • राज्यों की आंतरिक गड़बड़ियों के खिलाफ और राज्यों की सुरक्षा को देखते हुए इसका गठन किया गया था।
  • ऑपरेशन ब्लू स्टार और इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राज्यों में दंगा कंट्रोल करने में भी इसकी मदद ली गई थी।
  • 1986 में पंजाब के गोल्डन टेंपल में ‘ऑपरेशन ब्लैक थंडर’ में एनएसजी का अहम योगदान था।
  • 26/11 मुंबई में हुए आतंकी हमले से निबटने में भी एनएसजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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