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शहीदों के भाई-बहन को मिलेगी हरियाणा में सरकारी नौकरी

शहीद के परिजन
शहीद के परिजन (प्रतीकात्मक)

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली सरकारी नौकरी के नियमों में बदलाव करने जा रही है । इस नियम में शहीद के सगे भाई या बहन के लिए भी नौकरी पाने का प्रावधान होगा । अभी सिर्फ शहीद की पत्नी या बेटा/बेटी को ही सरकारी नौकरी दिए जाने की व्यवस्था है ।





सरकार को अब तक ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं जिसमें शहीद के भाई या बहन को नौकरी देने की मांग उठती रही है । सरकार अब इन  तकनीकी खामियों को दूर कर रही है । दरअसल वर्तमान में कैबिनट की मंजूरी के बाद ही आश्रितों के अलावा भाई-बहन को नौकरी मिल पाती हैं ।

हरियाणा खेल के साथ-साथ सैन्य नौकरी में भी सबसे आगे है । सरकारी नियमों के अनुसार शहीद के परिवार में से एक सदस्य को नौकरी देती है पर जिस परिवार में सैनिक अविवाहित होता है या उस घर में विवाहित बेटी होती है, वह परिवार इस मौके से चूक जाते हैं ।

सेना में कमीशन पाने वाले अफसरों को देती है वित्तीय सहायता राशि

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सैनिक एवं अर्द्ध-सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है। सरकार ने सेना व अर्द्ध-सैनिक बलों के जवानों के शहीद होने पर सम्मानित राशि को भी   बढाया है । युद्ध/आतंकवाद तथा अन्य घटना के दौरान घायल सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के लिए सहायता राशि 15 लाख, 25 लाख और 35 लाख रुपए कर दी है । हरियाणा सरकार सेना में कमीशन पाने वाले अधिकारियों को उनकी ट्रेनिंग पूरी हो जाने के बाद एक लाख रूपए की वित्तीय सहायता दे रही है ।

रक्षक न्यूज़ की राय

हरियाणा सरकार की इस पहल से राज्य में किसी शहीद की विवाहित बेटी तथा अविवाहित शहीद के भाई को नौकरी मिलने का रास्ता साफ होगा । अभी तक कई अड़चनें हैं जिनकी वजह से नौकरी पाने का लाभ नहीं मिल पा रहा । अन्य राज्यों को भी ऐसे कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहीद के परिजनों को धन के अभाव में परेशानी व सामान्य जीवन जीने में किसी तरह की रुकावट का सामना न करना पड़े ।

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